
भरतपुर। जिले में बयाना के पूर्व विधायक और बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना की हत्या ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब तक पुलिस के पास नहीं हैं। जिस पूर्व विधायक को हमले की आशंका थी, उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए करीब 30 गार्ड तैनात कर रखे थे। इसके बावजूद जब हथियारबंद भीड़ ने घेरकर हमला किया तो सुरक्षा में लगे लोग मौके से भाग गए। इन दिनों एक वीडियो भी वायरल तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अतर सिंह भड़ाना अपने सुरक्षा गार्डों के साथ जाते दिखाई देते हैं। वीडियो में कोई व्यक्ति कहता है कि 'किराए की सुरक्षा… किराए के गार्ड ये क्या सुरक्षा करेंगे।'
जानकारी के मुताबिक, क्रेशर प्लांट की लीज को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा था। इसी बीच भड़ाना ने अपनी सुरक्षा के लिए करीब 30 युवकों को तैनात किया था। ये गार्ड उनके लीज क्षेत्र में आने-जाने के दौरान भी साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान सुरक्षा में लगे कुछ युवक लाठी और सरिए जैसे हथियार भी रखते थे।
इसके बावजूद 11 अक्टूबर की शाम हालात बेकाबू हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाम करीब 6:30 बजे भौंडा गांव में क्रेशर प्लांट के कार्यालय पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। भीड़ को देखकर वहां मौजूद कर्मचारी और सुरक्षा में तैनात युवक भाग गए। इसके बाद हमलावरों ने भड़ाना पर लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। उनके शरीर पर करीब 40 जगह गंभीर चोटें आईं। सिर पर नुकीली और भारी वस्तु से वार किए जाने की बात भी सामने आई है। गंभीर रूप से घायल भड़ाना को जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कुछ ग्रामीणों का दावा है कि हमले से पहले गांव में एक सीक्रेट बैठक हुई थी। आरोप है कि बैठक में भड़ाना को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गईं। इसी बैठक में ही पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर हमले की साजिश रची गई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक ऐसी किसी बैठक या उसमें हत्या की साजिश रचे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस दावे की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
इस मामले में सबसे अहम कड़ी क्रेशर प्लांट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग मानी जा रही है। मौके पर 15 से अधिक कैमरे लगे होने की जानकारी है, जबकि पुलिस को करीब 20 कैमरों की फुटेज वाली डीवीआर मिलने का इंतजार है। एसपी राजेश मीणा के अनुसार, पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले भड़ाना की पत्नी कमलेश अपने पति और कुछ घायलों को कार से अस्पताल ले गई थीं। बताया गया है कि वह उस कमरे में रखी डीवीआर भी अपने साथ ले गईं, जहां उन्होंने हमले के दौरान खुद को बंद कर लिया था। परिवार की ओर से कुछ दिन बाद डीवीआर पुलिस को सौंपने की बात कही गई है।
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उनके पति के सिर पर हथियार से वार किया और फायरिंग भी की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पहुंचे गगन, पूरन सिंह और प्रदीप के साथ मारपीट की गई। रिपोर्ट में मकान में आग लगाकर उन्हें और कर्मचारियों को जिंदा जलाने की कोशिश किए जाने का आरोप भी शामिल है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट में 70-80 लोगों को द्वारा हमला करने का आरोप है।
पुलिस और एफएसएल को घटनास्थल से दो कारतूस के खोल मिले हैं। इससे मौके पर दो बार फायरिंग होने के संकेत मिले हैं, लेकिन गोली किसने चलाई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में 35 से 40 अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात भी कही गई है। जयपुर में मौत की पुष्टि के बाद पूर्व विधायक के शव को सीधे हरियाणा ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।