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Atar Singh Bhadana Death News : Ex-MLA अतर सिंह भड़ाना का ‘प्लांड मर्डर’! क्या पुलिस ने इनपुट्स को हल्के में लिया?

पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद राजस्थान में कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल। अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा।
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Ex-MLA Atar Singh Badana Murder Case

राजस्थान के भरतपुर जिले में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले ने अब बेहद गंभीर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक संघर्ष शुरू हो गया है। प्रारंभिक तौर पर इस पूरी घटना को पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र (इंटेलिजेंस) की बड़ी नाकामी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज को लेकर चल रहा विवाद पिछले दो वर्षों से सुलग रहा था। इसके बावजूद समय रहते पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अब कई दिग्गज नेता सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

घटना के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि जब प्रदेश में जनप्रतिनिधि और पूर्व विधायक तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। इस पूरे मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं के तीखे बयान सामने आए हैं, जो इस घटना की गंभीरता को और अधिक उजागर करते हैं।

आम आदमी का राम ही रखवाला : अशोक गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया और बयानों के माध्यम से सरकार को आड़े हाथों लिया। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या हो गई है, जो यह साबित करता है कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है ।

गहलोत ने आगे कहा कि खबरों के अनुसार यह विवाद करीब दो साल से चल रहा था, लेकिन दो साल तक पुलिस और प्रशासन क्या करता रहा ? जब चेतावनी बिल्कुल साफ थी, तब समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यह हत्या पूरी तरह से पुलिस-प्रशासन की नाकामी का नतीजा है।

गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली का कड़ा विरोध

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि खनन विवाद में दिनदहाड़े हिंसा, डेढ़ घंटे तक पथराव और पूर्व विधायक की हत्या इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में कानून का इकबाल पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि आखिर कब तक जनता अपराध, भय और असुरक्षा का दंश झेलती रहेगी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के सामने पूरी तरह से घुटने टेक दिए हैं और पुलिस का इस्तेमाल केवल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

स्थानीय खुफिया तंत्र और पुलिस की बड़ी लापरवाही

इस पूरे घटनाक्रम पर बूंदी से विधायक हरिमोहन शर्मा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हरिमोहन शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ा अफसोस इस बात का है कि इस घटनाक्रम के पीछे जो स्थितियां बन रही थीं, उस गुंडागर्दी और हमले की योजनाओं की पूरी जानकारी पुलिस के पास पहले से मौजूद थी ।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूरी जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस ने अपने कर्तव्य का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। जिस स्थान पर खनिज का यह काम चल रहा था और जहां लगातार विवाद की स्थितियां बन रही थीं, यदि पुलिस चाहती तो समय रहते उस गतिविधि या स्थान को सीज कर सकती थी, जिससे इस बड़े खूनी संघर्ष को टाला जा सकता था। इन तमाम बयानों और साक्ष्यों के बाद अब यह साफ हो गया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इनपुट्स पर ध्यान दिया होता, तो यह अनर्थ रोका जा सकता था।

पुलिस की चूक... 7 दिन से बढ़ा विवाद

मामले में पुलिस की भी लापरवाही सामने आई है। सात दिन से लगातार ग्रामीणों व लीज संचालक के बीच विवाद चल रहा था। दो बार धरने पर बैठे लोगों को समझाइश के दौरान कहासुनी भी हुई थी। इसको लेकर पुलिस को भी सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। एक दिन पहले भी करीब 50-60 लोगों के लीज पर टॉर्च लेकर सर्च करते हुए वीडियो वायरल हुआ था।

सीआई धीरेंद्र सिंह के अनुसार, ग्रामीणों और क्रशर संचालक के बीच पिछले दो वर्षों से विवाद चल रहा था। विवाद के चलते ग्रामीणों की ओर से क्रेशर के विरोध में धरना भी दिया जा रहा था। खुद धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव भी ग्रामीणों के साथ मिलकर विरोध कर चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना गांव में अवैध तरीके से खनन करवा रही हैं। लीज पर दिन रात ब्लास्ट किए जाते हैं। खनन का काम करने वाले कर्मचारी जंगली जानवरों का शिकार कर रहे हैं। धमाकों की वजह से रात के समय में ग्रामीण सो नहीं पाते।

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