Bharatpur Development : राजस्थान में सड़क और परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की श्रृंखला में जिले का नदबई बायपास एवं रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण महत्वपूर्ण कदम है।
Bharatpur Development : राजस्थान में सड़क और परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की श्रृंखला में जिले का नदबई बायपास एवं रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्य न केवल नदबई क्षेत्र के नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि आस-पास के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
सीएम भजनलाल शर्मा के प्रदेश की कमान संभालने के बाद इस कार्य को गति देने के लिए राज्य स्तर से निरन्तर मॉनिटरिंग शुरू कर सामने आ रही समस्याओं का निराकरण कराया गया। वर्ष 2018 में प्रारम्भ हुआ यह कार्य राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से ना केवल गति पकड़ा बल्कि गुणवत्ता के सभी मानकों के अनुरूप पूरा हुआ है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 105 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इस परियोजना में बाइपास का निर्माण पूर्व में ही पूर्ण कर लिया गया था, जबकि अब आरओबी का निर्माण भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने बताया कि नदबई कस्बा लंबे समय से यातायात दबाव, जाम और रेलवे फाटक बंद होने जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। कस्बे के बीच से गुजरने वाले वाहनों के कारण लोगों को घंटों यातायात दबाव के कारण इंतजार करना पड़ता था। इससे आमजन, व्यापारी, किसान और विद्यार्थियों को भारी परेशानी होती थी। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने नदबई बायपास, सीडी वर्क, आरओबी एवं एप्रोच रोड निर्माण का निर्णय लिया था।
नदबई बाइपास और आरओबी बनने से अब भारी वाहनों को कस्बे के भीतर से गुजरने की आवश्यकता नहीं रही। इससे शहर के अंदर यातायात दबाव कम हुआ है और जाम की समस्या में बड़ी राहत मिली है। रेलवे फाटक पर लगने वाला लंबा इंतजार समाप्त हो गया है, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बच रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से नदबई क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता आरसी मीना ने बताया कि नदबई बाइपास और आरओबी आज आधुनिक अधोसंरचना, सुगम यातायात और जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक बन चुका है। इससे नदबई होकर जाने वाले डीग, नगर, कुम्हेर, गोवर्धन एवं अलवर जाने वाले नागरिकों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी तथा समय एवं ईधन की बचत होगी।
विश्व बैंक बोर्ड ने हेम प्रोजेक्ट के लिए 2025 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के 14 राज्य राजमार्गों के करीब 926 किमी हिस्से का विकास किया जाएगा। इनमें 5 परियोजनाएं ईपीसी मोड और 9 परियोजनाएं एचएएम मोड पर विकसित होंगी। परियोजना में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आइटीएस) लागू किया जाएगा, जिससे रीयल टाइम मॉनिटरिंग, बेहतर प्रवर्तन और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।