भरतपुर

भरतपुर: सत्संग के नाम पर ‘दुकानदारी’! ट्रस्ट की जमीन पर चला कारोबार, दुकानों और गोदामों पर चला बुलडोजर

धार्मिक आयोजन और सत्संग के लिए दान में मिली जमीन पर सालों से व्यापार चलता रहा और जिम्मेदार खामोश रहे। आखिरकार नगर निगम की कार्रवाई ने इस खेल का पर्दाफाश कर दिया, जब जेसीबी ने दुकानों और गोदामों पर बुलडोजर चला दिया।
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Apr 05, 2026
Bulldozer action Bharatpur
फोटो पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan News : भरतपुर। धार्मिक आयोजन और सत्संग के लिए दान में मिली जमीन पर सालों से व्यापार चलता रहा और जिम्मेदार खामोश रहे। आखिरकार नगर निगम की कार्रवाई ने इस खेल का पर्दाफाश कर दिया, जब जेसीबी ने दुकानों और गोदामों पर बुलडोजर चला दिया।

शहर के गोवर्धन गेट क्षेत्र में शनिवार को अचानक चार जेसीबी और भारी पुलिस जाप्ता पहुंचने से हड़कंप मच गया। लोग किसी बड़ी घटना की आशंका जता रहे थे, लेकिन मामला अतिक्रमण हटाने का निकला। नगर निगम टीम कसेरे की बगीची में अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी, जहां धार्मिक उपयोग के लिए दान दी गई जमीन पर वर्षों से व्यापारिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

जानकारी के अनुसार गोवर्धन गेट से रेडक्रॉस जाने वाले मार्ग पर स्थित सांवरिया रामकसेरे स्मृति ट्रस्ट को यह जमीन धार्मिक उद्देश्य से बगीची, धर्मशाला और सत्संग भवन के लिए दी गई थी, लेकिन हकीकत यह सामने आई कि यहां बड़े पैमाने पर गोदाम बना लिए गए और बाहर की ओर करीब 8 दुकानें किराए पर चल रही थीं।

नगर निगम की टीम ने पहले दुकानों को खाली करवाया और फिर जेसीबी से उन्हें ध्वस्त कर दिया। इस दौरान दुकानदारों ने विरोध भी किया, लेकिन मौके पर पहुंचे निगम आयुक्त ने स्थिति संभालते हुए कार्रवाई जारी रखी। साथ ही लंबे समय से रुके नाला निर्माण कार्य को भी फिर से शुरू कराया गया।

स्टे हटने के बाद हुई कार्रवाई

ट्रस्ट अध्यक्ष तनुज गर्ग ने बताया कि यह जमीन 100 वर्ष से अभी तक कागजों में बगीची ट्रस्ट के नाम है। दुकानदार लंबे समय से यहां अपनी दुकानों का संचालन कर रहे थे। करीब एक साल पहले इस पर स्टे लिया था, लेकिन अधिवक्ता के निधन के बाद और प्रशासन के समझाइश पर स्टे वापस ले लिया। इसके बाद निगम प्रशासन ने अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

मिलीभगत के लगाए आरोप

निगम की टीम और पुलिस जाप्ता पहुंचते ही दुकानदारों में हडक़ंप मच गया। इस कार्रवाई के लिए दुकानदारों ने नगर निगम प्रशासन और ट्रस्ट पर आपसी मिलीभगत के आरोप लगाए। उनका कहना था कि हम करीब 4-5 दशकों से यहां दुकान कर रहे हैं, जिसका किराया भी प्रतिमाह समय से दिया जाता है, लेकिन ट्रस्ट संचालकों ने जमीन को खाली कराने के लिए निगम प्रशासन से मिलकर ये कार्रवाई कराई है।

नोटिस के बाद की कार्रवाई

यह जगह गढ़ी सांवलदास दास की थी और जल व गौसेवा सेवा के लिए दान दी गई थी, लेकिन यहां व्यापारिक गतिविधियों का संचालन होने की शिकायत मिली थी। अतिक्रमण की कार्रवाई से करीब 10 दिन पहले दुकानदारों को नोटिस भी जारी किए थे। इसके बाद शनिवार को ट्रस्ट की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया।

  • श्रवण कुमार विश्नोई, आयुक्त नगर निगम भरतपुर
Updated on:
05 Apr 2026 02:50 pm
Published on:
05 Apr 2026 02:50 pm