भरतपुर

भरतपुर में लगे लाल निशान, अब टूटेंगे सैंकड़ों मकान, भुक्तभोगियों की नींद उड़ी, सदमे में मकान मालिक

Bharatpur houses Demolished : भरतपुर में सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए लाल निशान लग गए हैं। मकान मालिक सदमे में हैं। बोले लोग- उजड़ जाएंगे हमारे आशियाने।
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Bharatpur Red Marks Put up Hundreds Houses to be Demolished Everyone Victims Worried
भरतपुर में बीनारायण गेट कच्चा कुंडा के अपनी पीड़ा बताते हुए लोग। फोटो पत्रिका

Bharatpur houses Demolished : भरतपुर में विश्वप्रिय शास्त्री पार्क के सामने से लेकर बीनारायण गेट तक सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए नगर निगम की ओर से लगाए गए निशानों के बाद इस रास्ते के सहारे बने मकान मालिक सदमे में हैं। लोगों का कहना कि सरकार यदि हमारे आशियाने उजड़े तो हम बेघर हो जाएंगे और आसमां के नीचे ही आसरा होगा। इस परियोजना के तहत सड़क किनारे स्थित मकानों को तोड़ने के लिए नगर निगम की ओर से मकानों पर निशान लगा दिए गए हैं। मकान मालिकों ने मुख्यमंत्री, जिला कलक्टर और नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। हालत ये हैं कि एक-एक मकान में कई परिवार रह रहे हैं और मकान पूरा जा रहा है। इसके चलते वहां के लोग बेघर होने के कगार पर हैं।

प्रशासन की ओर से निशान लगाने के बाद से लोगों ने काम पर जाना बंद कर दिया है। कई परिवारों के तो दिन का चैन छिन गया व रात की नींद भी उड़ गई है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है।

सरकार-प्रशासन से मांग, बदले में कोई अन्य जगह दें

हरमुख ने बताया कि उनका मकान जमीन रोड किनारे है, जिसका साइज 75 वर्गगज है। चार भाई हैं, जिनमें से दो भाइयों की शादी हो गई। चार भाइयों का परिवार इसी मकान में रहता है, लेकिन अब रोड को चौड़ा किया जा रहा है। हमारा पूरा मकान जा रहा है। भरतपुर नगर निगम प्रशासन ने रोड से 18 फीट तक मकान पर निशान लगा दिए हैं, जिसमें लगभग पूरा मकान जा रहा है। हमारे पास यही मकान है। इसके अलावा अन्य कोई मकान और जगह नहीं है। सभी भाई मजदूरी कर घर का पालन-पोषण कर रहे हैं। अब सरकार और प्रशासन से यही मांग है कि इसके बदले में हमें अन्य कोई जगह दी जाए, जिससे हम अपने लिए रहने का प्रबंध कर सकें।

रोड किनारे सैकड़ों मकान तोड़े जाएंगे

कच्चा कुंडा निवासी अन्य महिला और पुरुषों ने बताया कि रोड किनारे सैकड़ों मकान तोड़े जाएंगे, जिनमें अधिकतर मजदूर हैं, जब से मकानों पर निशान लगाए गए हैं, तब से वह काम पर नहीं जा रहे हैं। इन लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उन्हें बेघर नहीं किया जाए। उन्हें रहने के लिए मकान दिया जाए।

यहां कई पीढ़ी से रह रहे हैं हम

हम यहां कई पीढ़ी से रह रहे हैं। नगर निगम की ओर से 27 फीट पर निशान लगा दिया है। मकान पूरा जा रहा है। अब हम कहां पर अपने परिवार को लेकर रहेंगे।
धीरेन्द्र गुर्जर, कच्चा कुंडा निवासी

धीरेन्द्र गुर्जर व नत्थो देवी, निवासी कच्चा कुंडा। फोटो पत्रिका

अब रहने की हो रही है समस्या

40 फीट के पूरे मकान पर नगर निगम की ओर से निशान लगा दिए हैं। पुत्र छोले-भटूरे की ढकेल लगाते हैं। अब परिवार को रहने की समस्या हो रही है।
नत्थो देवी, निवासी कच्चा कुंडा

11 दिसबर को 2 बेटियों की शादी कैसे होगी?

तीन भाईयों का परिवार तीन मंजिला मकान में रहता है। पूरे मकान में 29 फीट पर लाल निशान के अंदर में आ रहा है। 11 दिसबर को 2 बेटियों की शादी कैसे होगी, जब सिर छिपाने को जगह नहीं होगी तो शादी कैसे होगी।
मीरा, निवासी कच्चा कुंडा

मीरा व बीना निवासी कच्चा कुंडा। फोटो पत्रिका

अब हमारी नींद हराम हो गई है

प्रशासन की ओर से तो लाल निशान लगा दिए हैं। अब हमारी नींद हराम हो गई है। मकान में 12 जने रह रहे हैं। नवबर में बेटी की शादी है। मकान टूटने की सूचना पर एक बहू घर से पीहर चली गई। घर में खाना तक नहीं बन रहा है।
बीना, निवासी कच्चा कुंडा

करीब 50-60 घरों पर लगाए हैं लाल निशान

अभी करीब 50-60 घरों पर लाल निशान लगाए हैं। इसके बाद नोटिस दिया जाएगा, जो मकान में रह रहे हैं, उनसे मकान का टाइटल मांगा जाएगा। यदि उनके पास टाईटल, पट्टा है तो उनको अन्य जगह जमीन देने की कार्रवाई की जाएगी या मुआवजा दिया जाएगा। यदि किसी ने एग्रीकल्चर लैंड पर किसी तरह का टाइटल नहीं है तो उनका अतिक्रमण तोड़ा जाएगा।
श्रवण कुमार, आयुक्त नगर निगम भरतपुर

Updated on:
16 Jun 2025 11:43 am
Published on:
16 Jun 2025 11:43 am