
Bharatpur Weather : भरतपुर ज़िले की रूपवास तहसील में स्थित रुदावल एक ऐतिहासिक क़स्बा और नगर है। रुदावल थाना क्षेत्र के गांव डुमरिया के जंगल में शुक्रवार दोपहर को आकाशीय बिजली गिरने से एक 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। इस हादसे में उसका बड़ा भाई और करीब 80 वर्षीय महिला भी गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों घायलों को परिजन बयाना अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें आरबीएम चिकित्सालय भरतपुर रेफर कर दिया।
रुदावल थाने के एएसआई भरतलाल ने बताया कि गांव डुमरिया निवासी नितेश गुर्जर (17 वर्ष) अपने बड़े भाई सुनील गुर्जर (22 वर्ष) पुत्र वीर सिंह और केशरदेवी (80 वर्ष) पत्नी सोहनलाल गुर्जर के साथ खेतों में पशुओं को चराने गए थे। इसी दौरान दोपहर में मौसम अचानक बदल गया। आसमान में बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए तीनों पास ही एक बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए। कुछ देर बाद अचानक तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली बरगद के पेड़ पर गिर गई। बिजली की चपेट में आने से नितेश की मौके पर ही मौत हो गई। उसका बड़ा भाई सुनील और केशरदेवी भी झुलस गए।
आस-पास मौजूद लोगों और परिजनों को घटना की जानकारी मिलने पर दोनों घायलों सुनील व केशरदेवी को तत्काल बयाना चिकित्सालय पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में आरबीएम चिकित्सालय भरतपुर रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर रुदावल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली। पुलिस ने किशोर के शव को कब्जे में लेकर सीएचसी रुदावल मोर्चरी में रखवा दिया है। कुछ देर बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 4 और 5 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग सहित कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के आए तीन घंटे के ताजा अपडेट में भरतपुर जिले तथा आस-पास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन के साथ अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने भरतपुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत मौसम विभाग ने आम जनता को सावधान करते हुए सुझाव दिया है कि सामान्यतः कोई विशेष प्रभाव नहीं है। पर मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरक्षित स्थान पर शरण लें।