भरतपुर घना में पर्यटकों का टूटा 5 साल का रिकॉर्ड, इतने लाख पर्यटक बढ़े
भरतपुर।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में देश-विदेश से भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों का पाच साल का रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया। घना में समाप्त हुए सीजन में इस बार करीब 1 लाख 58 हजार पर्यटकों ने भ्रमण किया है। जो कि गत सीजन से करीब 21 हजार पर्यटक अधिक है। जबकि वर्ष 2013 सर्वाधिक करीब 1.48 लाख पर्यटक घना पहुंचे थे।
पर्यटकों के इस बार अधिक आने की वजह घना में पानी की आवक और पक्षियों के लिए भरपूर मात्रा में भोजन उपलब्ध होना रहा है। लम्बे अर्से बाद अच्छी संख्या में आए पर्यटकों ने होटल व्यवसाय को भी सहारा दिया है। साथ ही घना से जुड़े नेचर गाइड और रिक्शा चालकों की भी इस बार अच्छा धंधा मिला है। गौरतलब रहे कि घना बीच में पानी संकट से जूझ रहा था, जिससे उद्यान में साइबेरिया और मध्य एशिया की तरफ से आने वाले पक्षियों की तादाद घट गई थी। लेकिन इस बार ये पक्षी भी रिकॉर्ड संख्या में घना पहुंचे।
घना प्रशासन की ओर से कराई गणना में इन पक्षियों की संख्या करीब 50 हजार से अधिक बताई गई थी, यह गिनती लम्बे समय बाद दिखाई दी। इस बार पानी की भरपूर मात्रा ने पक्षियों को घना ने खासा आकर्षित किया। यहीं कारण रहा कि उद्यान में पक्षी मार्च के बाद भी टिके रहे।
घना में भरपूर रही पानी की आवक उद्यान में इस बार पानी की आवक भरपूर रही। हाल में निकले सीजन में घना के करीब 710 एमसीएफटी पानी उपलब्ध हुआ था। ये पहली बार हुआ कि घना ने इस बार चंबल लिफ्ट योजना से न के बराबर पानी लिया। घना को सबसे अधिक पानी गोवर्धन ड्रेन से करीब 695 एमसीएफटी पानी मिला। जबकि चंबल लिफ्ट से 5 और अजान बंध से 10 एमसीएफटी पानी ही मिला। इसके अलावा बरसाती पानी अलग है।
सीजन सत्र कुल पर्यटक
2013-14 148272
2014-15 135243
2015-16 144129
2016-17 147250
2017-18 137176
2018-19 158020
घना में इस बार पर्यटक अच्छी संख्या में पहुंचे। पांच साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छूट गया। घना में भरपूर मात्रा में पानी मिलने से पक्षियों का ठहराव समय से रहा। जिससे बड़ी संख्या में पर्यटकों ने आनंद लिया। - डॉ.अजीत ऊचोई, निदेशक केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान