विधायक तिवाड़ी ने कहा कि समाज में समरसता को समाहित करने की सरकार की प्रवृति नजर नहीं आती।
भरतपुर। सर्वोदय संस्थान की ओर से शनिवार को गोवर्धन गेट स्थित एक मैरिज होम में विचार गोष्ठी एक नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन संस्थान के अध्यक्ष गिरधारी तिवारी की मौजूदगी में हुआ। समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में दीनदयाल वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष एवं जयपुर के सांगानेर क्षेत्र के विधायक घनश्याम तिवाड़ी उपस्थित थे।
जनवरी में नववर्ष मनाने की परंपरा अगे्रजों की
विधायक तिवाड़ी ने कहा कि समाज में समरसता को समाहित करने की सरकार की प्रवृति नजर नहीं आती। तिवाड़ी ने कहा कि वर्ष के प्रथम माह जनवरी में नववर्ष मनाने की परंपरा अगे्रजों की है। हिन्दू धर्मावली के अनुरूप नववर्ष की शुरूआत चैत्र मास से होती है लेकिन, भारतवासी जनवरी माह में नववर्ष मनाते हैं। ग्रंथाें के अनुसार संवत बदलने पर नववर्ष मनाया जाता है और भारतीय संवत को चीन के साथ-साथ अन्य देशों ने भी स्वीकारा है।
किसानों की कर्जमाफी कर दे तो इस सरकार के नाम से संवत चला देंगे
सरकार पर व्यंग करने हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार भी किसानों की कर्जमाफी कर दे तो इस सरकार के नाम से संवत चला देंगे। तिवाड़ी ने कहा कि वे तो भाजपा से निकले हुए ही घूम रहे हैं। पता नहीं पार्टी क्यों नहीं निकालती। राजस्थान में होने वाले उपचुनाव के प्रचार में जाने से मना करते हुए उन्होंने कहा कि ये चुनाव प्रचार पार्टी या जनता के हित का नहीं बल्कि मुख्यमंत्री का प्रचार है।
तिवाड़ी ने सरकार द्वारा लागू किए गए काले कानून की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि इसके तहत किसी भी पटवारी, गिरदावर, सरकारी अधिकारी और मंत्री आदि की कोई शिकायत नहीं कर सकता। यह सरकार की भ्रष्टाचार को बढावा देने वाली नीति है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के नाम पर समाज को लड़ाने का काम हो रहा है। विधायक ने कहा कि शिक्षामंत्री पद पर रहते उन्होंने करीब एक लाख बेरोजगारों के सरकारी रोजगार दिया था। लेकिन आज हर नियुक्ति पर रोक लग जाती है। ऐसा क्यो?