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Bharatpur : शिक्षा विभाग का आदेश, पशु-पक्षियों के लिए स्कूलों-कार्यालयों में दाना-पानी की व्यवस्था करें

Bharatpur : राजस्थान में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी संयुक्त निदेशक और स्कूल शिक्षा अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। जिसके तहत अफसर पशु-पक्षियों के लिए स्कूलों-कार्यालयों में भोजन और पानी की व्यवस्था करें।

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Rajasthan Education Department orders school-offices to provide food-water birds-animals

Rajasthan Education Department orders। फोटो - AI

Bharatpur : राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पशु-पक्षियों के संरक्षण को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी संयुक्त निदेशक और स्कूल शिक्षा अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय बीकानेर की ओर से जारी आदेश में स्कूलों और विभागीय कार्यालयों में पशु-पक्षियों के लिए भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। यह आदेश मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 30 अप्रैल को आयोजित सीनियर ऑफिसर्स मीटिंग में दिए गए निर्देशों की पालना के तहत जारी किया है। भरतपुर में इस आदेश के तहत तैयारियां शुरू हो गई है और इस व्यवस्था का अनुपालन हो रहा है।

संयुक्त शासन सचिव शिक्षा विभाग जयपुर के पत्र के संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रभाव को देखते हुए पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

आदेश के अनुसार गोपालन विभाग की ओर से मिशन संरक्षण अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत जयपुर स्थित निदेशालय परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी तथा परिंडे लगाए गए है। इसी तर्ज पर अब अन्य विभागों को भी अपने-अपने कार्यालय परिसरों और संस्थानों में पशु-पक्षियों के लिए राहत व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग बोला, यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा अभियान

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी विद्यालयों और कार्यालयों में पक्षियों के लिए पानी के बर्तन, दाना तथा आवश्यकता अनुसार परिंडे लगाए जाएं, ताकि गर्मी के इस कठिन दौर में पशु-पक्षियों को राहत मिल सके। विभाग ने इसे केवल प्रशासनिक आदेश नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा अभियान बताया है।

सभी अधिकारी इस अभियान को गंभीरता से लें

स्टाफ ऑफिसर डॉ. अरुण कुमार शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा है कि सभी अधिकारी इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों एवं कार्यालयों में इसकी प्रभावी पालना सुनिश्चित करें।

संवेदनशीलता और महत्वपूर्ण कदम

गौरतलब है कि प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव के कारण इंसानों के साथ पशु-पक्षियों पर भी संकट गहराया हुआ है। ऐसे में शिक्षा विभाग का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नशा करने वाले शिक्षकों और कार्मिकों की पहचान के निर्देश

वहीं डीग से आई खबर के अनुसार सरकार ने नशाखोरी और अमर्यादित आचरण (अशोभनीय व्यवहार) करने वाले शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग ने शराब या अन्य नशा करने वाले शिक्षकों और कार्मिकों की पहचान कर उनके नामों की सूची तैयार करने के सख्त निर्देश दिए है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के मंदिरों में नशा, तम्बाकू या अशोभनीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा।

इसी के तहत, प्रदेशभर से ऐसे कार्मिकों की पहचान कर उनकी सूची सीधे शिक्षा मंत्री कार्यालय भेजी जाएगी। निदेशालय से इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए गए है। इनमें उन कार्मिकों की जानकारी मांगी गई है जो शराब, तम्बाकू, गुटखा जैसे व्यसनों में लिप्त है या अश्लील आचरण वाले हैं। यह कदम अनुशासन व बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए उठाया गया है।