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भरतपुर में ताबड़तोड़ चली गोलियां: लहूलुहान होकर गिरे 2 युवक, वारदात के दौरान अचानक बिजली गुल, लाइनमैन पर गहराया शक

बयाना के अड्डा गांव में शराब कारोबार के विवाद में बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से लाखन और पवन घायल हो गए। ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस पर देरी से पहुंचने के आरोप लगे हैं। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।

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Bharatpur Firing

अस्पताल में भर्ती युवक (पत्रिका फोटो)

बयाना (भरतपुर): भरतपुर जिले के बयाना सदर थाना क्षेत्र के अड्डा गांव में शराब कारोबार के आपसी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। बेखौफ बदमाशों ने गांव में सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस गोलीबारी में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से एक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद से ही गांव में भारी तनाव का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत अड्डा गांव निवासी भागचंद की किराने की दुकान से हुई। बताया जा रहा है कि भागचंद और दूसरे पक्ष के लोग शराब के कारोबार से जुड़े हैं।

रात में किसी बात को लेकर उनके बीच बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झगड़े के कुछ ही देर बाद आरोपी अपने साथ अन्य हथियारबंद बदमाशों को लेकर आए और आते ही दुकान के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

इस अचानक हुई फायरिंग के दौरान खेतों से काम करके घर लौट रहे लाखन और भागचंद के रिश्तेदार पवन गोलियों की चपेट में आ गए। गोली लगते ही दोनों युवक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। अचानक हुई इस वारदात से मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

ग्रामीणों ने पीछा कर एक आरोपी को दबोचा

वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से भागने लगे। लेकिन ग्रामीणों और पीड़ित परिवार के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए उनका पीछा किया और एक बदमाश को मौके पर ही दबोच लिया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान शेरगढ़ निवासी दीवान के रूप में हुई है।

उधर, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को तुरंत बयाना अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने लाखन की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे भरतपुर के जिला आरबीएम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जबकि पवन का इलाज बयाना में ही चल रहा है।

पुलिस की कार्यशैली और बिजली कटने पर उठे सवाल

इस घटना को लेकर ग्रामीणों में पुलिस और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार के सदस्य मुकेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झगड़ा शुरू होते ही सदर थाना पुलिस को फोन पर सूचना दे दी गई थी, लेकिन पुलिस करीब दो घंटे की देरी से पहुंची। अगर पुलिस समय पर आ जाती, तो शायद यह वारदात नहीं होती।

लाइनमैन पर भी संदेह

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब विवाद बढ़ रहा था, तभी अचानक पूरे गांव की बिजली गुल हो गई। अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाशों ने फायरिंग की और फरार हो गए। ग्रामीणों ने बिजली निगम के स्थानीय लाइनमैन की भूमिका पर भी मिलीभगत का संदेह जताया है।

मामले को लेकर एडिशनल एसपी हरीराम कुमावत ने बताया कि सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी शैलेंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी और स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी दीवान को फिलहाल शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार किया है।

घटना के बाद से ही अड्डा गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता (बल) तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।