
भीलवाड़ा में होटल पर रेड, फर्जी इलाज के नेटवर्क का पर्दाफाश (पत्रिका फोटो)
भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस और टोंक जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी इलाज और ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हनुमान नगर थाना क्षेत्र के कोटा रोड पर स्थित 'कानगढ़ पैलेस होटल' पर अचानक छापा मारकर विभिन्न राज्यों से आए 48 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
इसके साथ ही मौके से 24 लाख रुपए की नकदी और परिसर में खड़ी 78 चौपहिया (लग्जरी) गाड़ियों को जब्त किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपियों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर उनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
टोंक डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि देवली क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो लोगों को महंगी दवाइयों और इंजेक्शन के नाम पर झांसा देकर मोटी रकम ऐंठता है।
पुलिस टीम जब इस इनपुट पर जांच करने निकली, तो पता चला कि इन झोलाछाप डॉक्टरों की एक सीक्रेट मीटिंग भीलवाड़ा जिले के हनुमान नगर थाना क्षेत्र के एक होटल में हो रही है। टोंक पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को दी। प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद दोनों जिलों की पुलिस ने मिलकर एक बड़ा जाल बुझाया।
होटल कानगढ़ पैलेस में बिना किसी अनुमति के भारी संख्या में संदिग्ध लोग जुटे हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हनुमान नगर थाना पुलिस के साथ जहाजपुर, पंडेर और शक्करगढ़ थाने के भारी पुलिस जाप्ते ने मिलकर पूरे होटल की घेराबंदी कर दी।
पुलिस की इस अचानक दबिश से होटल के भीतर अफरा-तफरी मच गई और लोग भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने दौड़कर 48 संदिग्धों को दबोच लिया, जबकि कुछ लोग भागने में सफल रहे।
जहाजपुर पुलिस उपाधीक्षक रेवड़मल मौर्य और हनुमाननगर थानाधिकारी गणेशराम मीणा ने बताया कि पकड़े गए लोग राजस्थान के टोंक के अलावा दिल्ली, नरेला, जहांगीरपुरी, मुरादाबाद और फरीदाबाद (हरियाणा) के रहने वाले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में कैंप लगाकर या गुप्त तरीके से गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा करता था और भोले-भले लोगों से लाखों रुपए ऐंठता था।
मौके से बरामद 78 गाड़ियां और 24 लाख रुपए इस बात का सबूत हैं कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा और रसूखदार है। पुलिस फिलहाल इन सभी के खिलाफ अन्य थानों से भी पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड जुटा रही है ताकि आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
Updated on:
19 May 2026 10:41 am
Published on:
19 May 2026 10:41 am
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