16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Crime: बेरहम कातिल पति…पेट में बच्चा था, फिर भी बेरहमी से पीटा; 4 बच्चों की मां की मौत

चरित्र हनन के शक में गर्भवती पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोपी पति को हमीरगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मृतका के परिजनों के उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से आने के उपरांत पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया। मृतका के चारों बच्चों को भी सखी सेंटर से परिजनों को सौंप दिया गया।

2 min read
Google source verification
Rajasthan Crime

भीलवाड़ा में पत्नी का हत्यारा गिरफ्तार (पत्रिका सांकेतिक तस्वीर)

Bhilwara Crime: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक पति की शक करने की बीमारी ने न केवल उसकी गर्भवती पत्नी की जान ले ली, बल्कि चार मासूम बच्चों के सिर से मां का साया भी छीन लिया। हमीरगढ़ थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पति को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह दुखद घटना भीलवाड़ा की बीएसएल फैक्ट्री इलाके की है।

पुलिस के अनुसार, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला गोपी सिंह राजपूत अपनी पत्नी रोली सिंह (35) के साथ यहां रहकर मजदूरी करता था। गोपी सिंह अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और इसी बात को लेकर अक्सर दोनों के बीच अनबन और झगड़ा होता था।

विवाद के दौरान आपा खोया, बेरहमी से पिटाई और अंदरूनी चोट से मौत

बीते बुधवार की देर रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि गोपी सिंह ने अपना आपा खो दिया। उसने अपनी गर्भवती पत्नी पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। बेदम पिटाई और अंदरूनी चोटों के कारण रोली सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। क्रूरता की हद यह थी कि आरोपी ने यह भी नहीं सोचा कि उसकी पत्नी के गर्भ में उसका अपना बच्चा पल रहा है।

हत्या कर आरोपी फरार

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। थाना प्रभारी सुनील बेड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार शाम को उसे धर दबोचा। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या से जुड़ी अन्य कड़ियों को जोड़ा जा सके।

भीलवाड़ा पहुंचे परिजन

वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन उत्तर प्रदेश से भीलवाड़ा पहुंचे। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड के जरिए मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया।

अनाथ हुए चार मासूम

इस पूरी वारदात में सबसे दुखद पहलू उन चार छोटे बच्चों का है, जिन्होंने एक ही पल में अपनी मां को खो दिया और जिनका पिता अब जेल की सलाखों के पीछे है। प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए चारों बच्चों को 'सखी सेंटर' में सुरक्षित रखा था, जिन्हें अब उनके ननिहाल पक्ष के परिजनों को सौंप दिया गया है।