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भीलवाड़ा में आज से सभी पेट्रोल पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद! जानिए क्यों नाराज हैं डीलर्स?

भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर सोसायटी की बैठक रविवार को हुई। इसमें सामूहिक निर्णय किया गया कि 18 मई 2026 से जिले के सभी पेट्रोल पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगे। सचिव अशोक मुंडा के अनुसार, यह निर्णय सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी और अनीतिगत जांच के विरोध में किया गया है, जिससे पेट्रोल पंप मालिकों की छवि धूमिल हुई है।

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Bhilwara Petrol Pump Closed

Bhilwara Petrol Pump Closed (Photo-AI)

Bhilwara Petrol Pump Closed: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर सोसायटी ने फैसला किया है कि 18 मई 2026 से जिले के सभी पेट्रोल पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगे। सोसायटी की रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह सामूहिक निर्णय लिया गया।

सोसायटी के सचिव अशोक मुंडा (मुंदड़ा) के अनुसार, आज सुबह 9 बजे से ही जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। इस हड़ताल के दौरान डीलर सोसायटी द्वारा जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें वे अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रखेंगे।

क्यों बंद किए गए पेट्रोल पंप?

डीलर्स का कहना है कि यह कदम उन्होंने अपनी साख और प्रतिष्ठा बचाने के लिए उठाया है। दरअसल, राज्य के उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर भीलवाड़ा के कुछ पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया गया था। यह जांच विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत की गई थी।

क्या है आरोप?

आरोप है कि इस जांच के दौरान 5 लीटर के माप में 30 मिलीलीटर तेल कम पाया गया। लेकिन डीलर सोसायटी का कहना है कि जांच का तरीका पूरी तरह गलत और अनैतिक था। मशीन की तकनीकी बनावट ऐसी होती है कि यदि 21 मिलीलीटर का भी अंतर हो, तो मीटर सीधे 30 मिलीलीटर ही दिखाता है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि ग्राहकों को 30 मिलीलीटर तेल कम दिया गया।

नियमों का दिया हवाला

सोसायटी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नियमों के अनुसार, 5 लीटर तेल के माप में 25 मिलीलीटर तक का ऊपर-नीचे (+/-) होना मान्य है। इसमें किसी भी पंप मालिक का कोई दोष नहीं होता और न ही इसे 'कम तोलना' कहा जा सकता है।
डीलर्स का सबसे बड़ा विरोध इस बात को लेकर है कि कोर्ट या किसी कानूनी प्रक्रिया के जरिए दोष सिद्ध होने से पहले ही, इस मामले को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर उछाल दिया गया। सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अशोभनीय और अनर्गल टिप्पणियां कीं, जिससे समाज में पेट्रोल पंप व्यवसायियों की छवि काफी धूमिल हुई है।

कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग

सोसायटी के अध्यक्ष जाहिर हुसैन, सचिव अशोक कुमार मुंदड़ा और कोषाध्यक्ष दिनेश भगत सहित सभी सदस्यों का कहना है कि उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन जांच के नाम पर इस तरह बदनाम करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डीलर सोसायटी ने जिला कलेक्टर को सौंपे जाने वाले पत्र में मांग की है कि सोशल मीडिया पर व्यवसायियों का अपमान करने वाले और गलत तरीके से खबरें फैलाने वाले दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पेट्रोल पंप मालिकों का सम्मान वापस बहाल हो सके। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जिले के पेट्रोल पंप बंद रहेंगे।