-जिलास्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह का मामला, भाजपाइयों ने की सीएम से शिकायत -मुख्यमंत्री के गृह जिले का मामला
जिलास्तरीय स्वाधीनता समारोह में भाजपा नेताओं की अनदेखी करने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची है। हकीकत यह है कि जिला प्रशासन ने भाजपा के वरिष्ठ व प्रदेश पदाधिकारियों के लिए कुर्सियों का इंतजाम तक नहीं किया, जबकि कांग्रेस के नेताओं को मंच पर बैठाया। इसमें आश्चर्य की बात यह भी है कि कांग्रेस सांसद संजना जाटव के पीएसओ पति कप्तान सिंह को मंच पर ही पीछे की ओर से कुर्सी पर बैठाया गया। इसको लेकर भरतपुर में अब सियासी घमासान मचा हुआ है। नाराज भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि अगर अन्य वीआइपी के गनमैन मंच से नीचे रहे थे तो क्या सांसद को किससे खतरा था। इसको लेकर जिम्मेदार अधिकारी भी बोलने से कतरा रहे हैं। हालांकि अब यह मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार स्वाधीनता दिवस समारोह का आयोजन बारिश के कारण इस बार पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय में किया गया। जहां जिला कलक्टर, एसपी, आईजी, संभागीय आयुक्त, मेयर, विधायक, सांसद मुख्य अतिथि उद्योग एवं युवा खेल मामलात मंत्री कर्नल राज्यवद्र्धन सिंह राठौड़ के लिए बैठने की व्यवस्था मंच पर की गई। मंच पर भाजपा के भी कुछ नेता पात्रता नहीं रखने के बाद भी मंच पर जबरन बैठ गए। जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज भारद्वाज, पूर्व जिलाध्यक्ष गिरधारी तिवारी, सतेंद्र गोयल, प्रदेश प्रवक्ता शैलेष कौशिक के अलावा काफी पदाधिकारी एक कुर्सी पर दो-दो की संख्या में बैठे रहे। इसी बीच कांग्रेस सांसद संजना जाटव पहुंची तो वे आगे की कतार में मंच पर बैठ गई, जबकि उनके पीएसओ पति कप्तान सिंह पीछे की कतार में मंच पर बैठ गए, इसको लेकर अब विवाद की स्थिति बन गई है। ज्ञात रहे कि हाल में ही अलवर एसपी ने सांसद संजना जाटव की सिफारिश पर उनके कांस्टेबल पति को उनका पीएसओ लगाया गया था।
पहले जनसुनवाई का मामला आ चुका सामने
ऐसा पहली बार नहीं है कि सांसद पति की ओर से नियम तोडऩे का मामला सामने आया है, इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। हाल में ही भरतपुर संसदीय क्षेत्र में सांसद पत्नी के साथ जनसुनवाई करने का मामला सामने आया था। इसके अलावा जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव, एसपी मृदुल कच्छावा के अलावा अन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात में भी सांसद पति की फोटो उनके साथ ही बैठे हुए वायरल हुई थी। इसको लेकर भी भाजपाइयों ने आपत्ति जताई थी।