भरतपुर

धर्मांतरण का ट्रेंड…चमत्कार से बीमारी दूर, खाते में आएगी मोटी रकम!

-भरतपुर व डीग जिले में चल रहा धर्मांतरण का बड़ा खेल, पंजाब व हरियाणा का नेटवर्क कर रहा काम-सीएमओ ने मांगी रिपोर्ट, आरएसएस ने भी भेजी केंद्र तक गोपनीय रिपोर्ट

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Feb 13, 2024
धर्मांतरण का ट्रेंड...चमत्कार से बीमारी दूर, खाते में आएगी मोटी रकम!

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले में धर्मांतरण का खेल चल रहा है। एक दिन पहले ही होटल में धर्मांतरण के कार्यक्रम का खुलासा होते ही यह मामला सुर्खियों में है। यह सच है कि बीमारी भगाने के नाम पर भरतपुर व डीग जिले के कुछ इलाकों में मतांतरण का खेल चल रहा है। मतांतरण कराने वाले इसे परमेश्वर सभा के साथ और कई नाम देते हैं। ऐसी प्रार्थना सभाओं में लोगों को चिह्नित कर उन्हें ईसाई धर्म की शक्तियों के प्रभाव से बीमारियां भगाने का भरोसा दिलाया जाता है। पत्रिका की टीम ने जब ऐसे मोहल्लों व कॉलोनियों में लोगों से बात की तो सच सामने आया।
महिलाओं से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वो प्रार्थना कर रहीं थीं। क्योंकि इसे करने से उनकी घरों में बीमारी खत्म हो गई। असल में भरतपुर व डीग जिले में धर्मांतरण के कार्यक्रम कराकर पिछड़े वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को टारगेट किया जा रहा है। गिरोह फंडिंग के माध्यम से पहले ऐसे परेशान परिवारों की सूची बनाता है। फिर उन्हें खुद से जोडऩे के लिए समझाता है। एक-दो कार्यक्रमों में उन्हें साधारण तरीके से बुलाया जाता है। तीसरे कार्यक्रम में उन्हें दिमागी रूप से धर्मांतरण के लिए मजबूत कर दिया जाता है। साथ ही उन्हें चमत्कार से बीमारी ठीक होने व खाते में कहीं पांच-पांच तो कहीं 20-20 हजार रुपए आने का प्रलोभन दिया जाता है। चूंकि उत्तरप्रदेश में जून 2022 में धर्मांतरण के एक केस में एटीएस ने उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पंजाब से फंडिंग की बात एक आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद स्पष्ट की थी। वहीं भरतपुर के प्रकरण की रिपोर्ट सीएमओ ने भी जिला प्रशासन से मांगी है। साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से एक गोपनीय रिपोर्ट प्रदेश व केंद्रीय स्तर पर मुख्यालय को भेजी गई है। वहीं पुलिस ने 10 में से आठ आरोपियों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसमें से आठ को जमानत मिल गई। जबकि केस में गिरफ्तार दो आरोपियों को एक दिन की पीसी पर भेजा है।

धर्मांतरण के बारे में जानिये...सबकुछ

एडवोकेट उत्तम शर्मा ने बताया कि मतांतरण यानि मत में परिवर्तन होने की क्रिया या भाव को मत परिवर्तन, धर्म परिवर्तन कहते हैं। धर्मांतरण किसी ऐसे नए धर्म को अपनाने की प्रक्रिया है, जो धर्मांतरित हो रहे व्यक्ति के पिछले धर्म से भिन्न हो। अगर कोई व्यक्ति बिना किसी लालच, धोखे या दबाव के मतांतरण करता है तो कोई परेशानी की बात नहीं है, क्योंकि सभी को अपना मत चुनने का अधिकार भारत का संविधान देता है। हालांकि धोखे और दबाव में करवाए जा रहे मतांतरण कानूनन अपराध हैं। सुप्रीम कोर्ट ने धोखे और दबाव में करवाए जा रहे मतांतरण के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। साथ ही केंद्र सरकार को इसे रोकने का निर्देश दिया है।

दिल्ली में धर्मांतरण से जुड़ा था भरतपुर कनेक्शन

14 जनवरी 2023 को दिल्ली-6 के चांदनी महल इलाके के रैन बसेरे में धर्म परिवर्तन कराने का आरोपी मोहम्मद कलीम पकड़ा गया था। उस समय पुलिस ने खुलासा किया था कि वह भरतपुर के भी धार्मिक स्थलों पर जाकर रहता था। उस समय पुलिस को जांच में विदेशी फंडिंग के सबूत भी मिले थे। आरोपी के मोबाइल में 60 धार्मिक वीडियो मिले थे।

कोरोनाकाल के बाद से बढ़ रहा धर्मांतरण का नेटवर्क

केस नंबर एक: 19 अप्रेल 2023 को कुम्हेर के गांव सोगर निवासी एक दंपती को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। वे कामां में ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे थे। उनके पास से बाइबल, साहित्य, ईसा मसीह की जीवन कथा से जुड़े सामान बरामद हुए थे।


केस नंबर दो: 22 नवंबर 2022 को डीग जिले के कुम्हेर में एक संगठन की ओर से सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह करवाया गया। नव विवाहित जोड़ों का सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करवाया गया। इन्होंने हिंदू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म ग्रहण किया। सभी को हिंदू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने की 22 शपथ दिलाई गई।


केस नंबर तीन: 26 अप्रेल 2022 को 22 वर्षीय एक विवाहिता ने बलात्कार के बाद आरोपियों पर धर्म परिवर्तन कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कामां थाने में मामला दर्ज कराया।


केस नंबर चार: पांच साल पहले सरमथुरा की आंगई ग्राम पंचायत के जिंदापुर गांव में कुछ लोगों का दूसरे समाज में धर्मांतरण करने का मामला सामने आया था। इसमें कहा गया था कि यहां पर कई दिनों से दूसरे धर्म के लोग आ रहे हैं और लोभ-लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाने की बात कह रहे हैं और धर्म परिवर्तन करवाने के बाद नौकरी जैसे लाभों का आश्वासन दे रहे हैं।


केस नंबर पांच: 29 अगस्त 2023 को नगर के 35 लोगों ने ईसाई से हिंदू धर्म को अपनाया था। वे कुछ लोगों के प्रलोभन देने के कारण हिंदू से ईसाई बन गए थे। हिंदू संगठनों के समझाने के बाद वह वापस से हिंदू धर्म की मुख्यधारा से जुडऩे को तैयार हुए।


इनका कहना है

-हम प्रकरण की जांच करा रहे हैं। मौके पर एसडीएम को भी भेजा गया था। पुलिस के स्तर पर जांच कराई जा रही है। बाकी जहां से रिपोर्ट मांगी गई है, वहां यथास्थिति के अनुसार अवगत कराया जा रहा है।

लोकबंधु
जिला कलक्टर भरतपुर

Published on:
13 Feb 2024 09:59 pm
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