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Rajasthan: ‘बाबूजी… हम बहुत गरीब हैं,’ रोडवेज-स्लीपर बस हादसे में पैर टूटने के बाद दर-दर की ठोकर खा रहा परिवार

आगरा-जयपुर हाईवे पर हुए रोडवेज-स्लीपर बस हादसे ने एक गरीब परिवार को मजबूरी में डाल दिया है। हादसे में महिला का पैर टूट गया, लेकिन इलाज के लिए पैसे नहीं होने से परिवार अस्पतालों के चक्कर काटता रहा। आखिरकार 20 हजार रुपये ब्याज पर उधार लेकर ऑपरेशन कराना पड़ा। पीड़िता की साथी की गुहार-'बाबूजी… हम बहुत गरीब हैं' सिस्टम के सामने उनकी बेबसी बयां कर रही है।
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Bharatpur Accident

Bharatpur Accident: पैर टूटने के बाद पीड़ित महिला (फोटो-पत्रिका)

भरतपुर। आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर रोडवेज और स्लीपर बस की टक्कर में घायल हुई एक महिला का दर्द अब सड़क हादसे से आगे बढ़कर आर्थिक मजबूरी की कहानी बन गया है। हादसे में पैर टूटने के बाद इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहा परिवार अब मदद की आस लगाए बैठा है। पीड़िता की साथी महिला की जुबान से निकले शब्द- 'बाबूजी… हम बहुत गरीब हैं, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं।' परिवार की बेबसी बयां कर रहे हैं।

मंगलवार शाम चिकसाना थाना क्षेत्र में कदमकुंज होटल के पास आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे-21 पर तकनीकी खराबी के कारण एक निजी स्लीपर कोच बस सड़क किनारे खड़ी थी। चालक क्रेन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई भरतपुर डिपो की राजस्थान रोडवेज बस ने स्लीपर बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्लीपर बस डिवाइडर पर चढ़ गई, जबकि रोडवेज बस का केबिन टूट गया। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

हादसे में 8 लोग हुए घायल

दुर्घटना में करीब आठ यात्री घायल हुए, जिन्हें तत्काल आरबीएम अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगला पूछरी निवासी वीनेश पत्नी पुरुषोत्तम भी शामिल थीं। हादसे में उनका पैर गंभीर रूप से टूट गया।

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मरीज को देखकर घर लौट रही थी महिला

घायल महिला के साथ मौजूद सीमा ने बताया कि वे दोनों नंदेऊ तारा में भर्ती एक परिचित को देखकर वापस अपने गांव आगरा लौट रही थीं, तभी यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि आरबीएम अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन उत्तर प्रदेश का निवासी होने के कारण बेड चार्ज और अन्य जांचों का खर्च अलग से बताया गया। सीमा के अनुसार, अस्पताल में कहा गया कि ऑपरेशन में समय लगेगा और इलाज पर हजारों रुपए खर्च होंगे।

दर्द से कराह रही महिला

इस दौरान अस्पताल से स्ट्रेचर की जगह व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई। टूटे पैर के कारण वीनेश दर्द से कराह रही थीं। एक महिला उनके पैर को संभाल रही थी, जबकि दूसरी व्हीलचेयर चला रही थी। यह दृश्य अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।

ब्याज पर पैसे लेकर इलाज करा रहा परिवार

आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने आखिरकार निजी अस्पताल का रुख किया। घायल महिला के परिजन सत्यप्रकाश ने बताया कि इलाज के लिए उन्हें 20 हजार रुपए ब्याज पर उधार लेने पड़े। इसके बाद एक निजी अस्पताल में महिला का ऑपरेशन कराया गया। उन्होंने कहा कि परिवार बेहद गरीब है और इलाज का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

पीछे से रोडवेज बस ने मारी टक्कर

उधर, ट्रैफिक सीओ नरेंद्र कुमार ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब तकनीकी खराबी के कारण स्लीपर बस हाईवे पर खड़ी थी और पीछे से आई रोडवेज बस उससे टकरा गई। हादसे में सात से आठ लोग घायल हुए। घटना के बाद रोडवेज बस का चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने क्रेन बुलाकर दोनों क्षतिग्रस्त बसों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद करीब आधे घंटे में हाईवे पर यातायात सामान्य कराया गया।

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