
व्यापारी की मौत के बाद पत्नी की स्थिति (पत्रिका फोटो)
Bharatpur Chandra Bhan Sharma Murder Case: भरतपुर में सेवर थाने के गोलपुरा मोड़ के पास फायरिंग में घायल व्यापारी की मौत के बाद सोमवार शाम कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई व जमकर कहासुनी हुई। तीन घंटे तक हंगामे के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता में सहमति बन गई। मृतक की पत्नी का आरोप था कि पुलिस ने उनके परिवार को ही गुनहगार समझकर परेशान किया।
बताते चलें कि व्यापारी चंद्रभान शर्मा उर्फ राजू को शनिवार रात गोली लगने के बाद जयपुर रेफर किया था। जहां रविवार रात उनकी मौत हो गई। इधर, व्यापारियों ने बर्तन बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही विरोध बढ़ने की आशंका को देखते हुए कलक्ट्रेट परिसर को पुलिस छावनी बना दिया। मृतक के घर पर ही पुलिस को तैनात किया गया।
जानकारी के अनुसार, मृतक चंद्रभान का साला दोपहर को जब शव को लेकर एंबुलेंस से भरतपुर के पास पहुंचा तो पुलिस ने सेवर थाने के पास 100 मीटर की दूरी पर रुकवा लिया। जबरन मृतक के रिश्तेदार और परिजनों को उतारकर एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया। मृतक के साले फरीदाबाद निवासी राकेश ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर गलत किया है। उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।
परिजन न्याय की मांग को लेकर शव कलक्ट्रेट तक लाना चाहते थे। पुलिस ने शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। ऐसे में आक्रोशित परिजन कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां पड़ाव डाल दिया। कलक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।
करीब तीन घंटे के बाद जिला प्रशासन और व्यापारियों के साथ परिजनों की वार्ता हुई। वार्ता में परिजनों ने अपनी मांगों को रखा। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद परिजन धरने से उठे। परिजनों ने जिला कलक्टर कमर चौधरी और एसपी राजेश मीणा को ज्ञापन दिया।
मृतक चंद्रभान की पत्नी मंजू शर्मा भी पति की मौत के बाद बेसुध हो गई। उन्होंने कहा कि उनके साथ पुलिस ने गलत बर्ताव किया है। अगर पुलिस पहले से ही एक्टिव होती तो उनके पति की जान नहीं जाती। अस्पताल में उनके पति को सही इलाज नहीं मिल पाया।
इसके चलते उनकी मौत हुई है और जब वह न्याय मांगने के लिए यहां पहुंच रहे थे तो उससे पहले पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। शव को थाने से 100 मीटर से पहले एंबुलेंस रोककर ड्राइवर को हटाकर खुद पुलिस लेकर आई और मृतक के शव का भी अपमान किया है। मेरी तो दुनियां ही लुट गई। पुलिस ने कुछ भी अच्छा नहीं किया।
गंगा मंदिर के पीछे बर्तन व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर धरने पर बैठ गए। व्यापारी सुनील कुमार ने कहा कि दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। व्यापारियों ने मांग की कि संभाग के सबसे बड़े 240 बेड के अस्पताल में गोली निकालने जैसी सुविधा मुहैया कराई जाएं।
मृतक चन्द्रभान सिंह के चाचा रूप चन्द पुत्र मनीराम की सांतरूक के पास नाले के समीप गाड़ी जली मिली थी। यह करीब दो साल हुई पुरानी घटना है। जबकि शव साइया चौराहा पर मिला था। गाड़ी में पीतल भरी हुई थी, लेकिन वह भी नहीं थी। परिजनों ने इसकी शिकायत जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से की थी। ऐसे में आशंका है कि जिन बदमाशों ने चाचा की हत्या की थी, उन्होंने ही कहीं चंद्रभान की हत्या की हो, ऐसा हो सकता है।
मृतक चंद्रभान के पुत्र किशोर शर्मा ने बताया कि सुबह पिताजी ने मथुरा निकलते समय भी कहा था कि जल्द पोती बबीता के जन्म की खुशी में कार्यक्रम करेंगे। एक माह पहले ही पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था। मृतक चंद्रभान अनाह गेट बजरिया में बर्तन की दुकान चलाते थे।
हमें ही आरोपी मान घंटों तक परेशान किया, जैसा मृतक व्यापारी चंद्रभान शर्मा के पुत्र केशव शर्मा ने पत्रिका को बताया…
शहर के सुभाष नगर निवासी व्यापारी चंद्रभान शर्मा उर्फ राजू के पुत्र केशव शर्मा ने बताया कि पिता को गंभीर हालत को लेकर रात डेढ़ बजे जयपुर एसएमएस के लिए रेफर कर दिया था। सुबह पांच बजे इमरजेंसी में लेकर पहुंचा। डेढ़ घंटा तो इमरजेंसी में पर्चा बनाने में लग गया था।
परिवार के लोग निजी अस्पताल ले जाने को लेकर जद्दोजहद करते रहे, लेकिन किसी ने भी रेफर नहीं किया। इसके बाद ऑपरेशन सुबह 10 बजे शुरू हुआ, जो दोपहर एक बजे तक चला। फिर जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया। शाम पांच बजे उनकी मौत हो गई। साफ है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज में लापरवाही बरती है।
केशव ने बताया कि रात डेढ़ बजे मेरे पिताजी की हालत ज्यादा गंभीर होने के बाद जब एंबुलेंस में बैठ गया तो पुलिस ने जांच के लिए मुझे गाड़ी से उतार लिया। कहा कि इस मामले की जांच करनी है। सबसे पहले मथुरा से पिताजी के साथ किशोर आया था, उसकी तलाश करने लगे। उसे घर से लेकर आए।
इसके बाद पांच लाख रुपए की एक घंटे तक पूछताछ करते रहे। हमने कहा कि पिताजी के साथ इलाज के लिए जयपुर ले गए हैं, तब जाकर पैसों का पीछा छोड़ा। इतने में घर के सभी लोगों से पूछताछ करने लगे। मुझे डेढ़ बजे लेकर गए और साढ़े पांच बजे छोड़ा। इनको हम परिवार वालों पर ही शक था। घर के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन ले लिए। मेरा फोन भी पुलिस ने सोमवार सुबह दिया है।
मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस टीमें मुस्तैदी से लगी हुई हैं। टीमें लगातार काम कर रही हैं। कुछ अलग-अलग और कुछ संयुक्त टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
-राजेश मीना, पुलिस अधीक्षक, भरतपुर
पुलिस मौजूदगी में मृतक का दाह संस्कार कराया गया है। मामले में सोमवार को ही एफआईआर हुई है। मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
-सतीश शर्मा, थाना प्रभारी, सेवर
Updated on:
07 Jul 2026 03:33 pm
Published on:
07 Jul 2026 03:33 pm
