भरतपुर. रीट परीक्षा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नौकरी का झांसा देकर परीक्षार्थियों से राशि हड़पने के मामले में पुलिस ने सरगना सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार किया है।
भरतपुर. रीट परीक्षा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नौकरी का झांसा देकर परीक्षार्थियों से राशि हड़पने के मामले में पुलिस ने सरगना सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुम्हेर क्षेत्र में एक संदिग्ध परीक्षार्थियों से संपर्क कर रीट परीक्षा का पेपर पास कराने का झांसा दे रहा है। जिस पर पुलिस ने डिकॉय ऑपरेशन कर एएसआई को सादा कपड़े में उक्त व्यक्ति के पास एक लाख रुपए मनोरंजन बैंक के नोट देकर भेजा। उक्त व्यक्ति ने परीक्षा के लिए दस लाख रुपए की मांग की, जिस पर दो लाख एडवांस मांगे। सादा कपड़े में भेजे पुलिसकर्मी ने फिलहाल एक लाख रुपए उसे दिए। इशारा पाते ही दूसरी टीम ने उसे धरदबोचा। उसके बाद से तीन मोबाइल मिले। इसमें एक मोबाइल में कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड व अन्य जानकारी मिली। उसने बताया कि वह उसके साथी परीक्षार्थियों को नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठते हैं।
पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई ने बताया कि कुम्हेर इलाके में रविवार को एक शख्स द्वारा रीट परीक्षा में पास कराने की सूचना मिली। जिस पर कुम्हेर थाने के एएसआई राजपाल सिंह व नौहबत सिंह, परीक्षार्थियों के ठहरने वाले स्थानों पर जानकारी ली। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति जगह-जगह परीक्षार्थियों से संपर्क कर रीट परीक्षा का पेपर पास कराने का झांसा दे रहा है। जिसके बाद मोबाइल में कुछ कागजात होने की बात कही। संदिग्ध के कुम्हेर कस्बे में तोप सर्किल के पास होना बताया। सूचना पर एएसआई नौहबत सिंह सादा वर्दी एवं डिकाय ऑपरेशन के लिए 2-2 हजार रुपए के नकली मनोरंजन बैंक के लेकर मौके पर रवाना हुआ। इसमें मनोरंजन बैंक के दो-दो हजार के 49 हजार नोट ओर एक असली नोट था। कुल एक लाख रुपए की गड्डी थी। एएसआई नौहबत सिंह सादे कपड़े में मौके पर पहुंच उक्त शख्स से एक रिश्तेदार के रीट परीक्षा में चयन के बारे में पूछा तो उक्त शक्स ने चयन करवाने की गारंटी दी और कहा कि उक्त परीक्षा के 10 लाख रुपए लगेंगे और दो लाख रुपए एडवांस मांगे। शेष राशि चयन होने पर देने की बात कही। नौहबत ने फिलहाल एक लाख रुपए होने और बाकी राशि 3-4 घंटे में व्यवस्था करने की बात कही। नौहबत ने एक लाख रुपए की गड्डी उक्त शख्स को दे दी। उधर, इशारा मिलने पर एएसआई राजपालसिंह ने मय जाब्ते आरेापी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम लक्ष्मनसिंह पुत्र खुशीराम जाट निवासी पूंठ थाना कुम्हेर जिला भरतपुर हाल राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय गोलपुरा कुम्हेर मे अध्यापक के पद पर कार्यरत होना बताया। तलाशी में उसके पास से एक मोबाइल आईफोन एप्पल समेत तीन मोबाइल मिले। पुलिस ने उक्त शक्स के एप्पल मोबाइल का पासवर्ड पूछ फोन की जांच की। मोबाइल में कई परीक्षार्थीयो के विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड एवं परीक्षार्थीयों द्वारा वाट्सअप चैट नौकरी के संबंध मे मिले। शक्स से परीक्षार्थीयों के एडमिट कार्ड व वाट्सअप चैट के बारे मे पूछा तो कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाया। पूछताछ में उसने पहले भरतपुर मे कोचिंग चलाना बताया और जहां कई लोग उससे जुड़ गए। वह और उसकेे कई साथी नौकरी लगाने का झांसा देकर 15-20 परीक्षार्थीयों से कुछ राशि एडवांस लेकर व बाकी राशि नौकरी लगने के बाद लेना तय कर लेते हैं। जिनमे से कुछ परीक्षार्थी स्वत: ही नौकरी लग जाते हंै जो नहीं लगते है उनके रुपए किश्तों में वापस कर देते है। अभी अलग-अलग परीक्षार्थीयों के एडवांस रुपए उसके पास बाकी हैं। साथ ही उसके साथियों पर भी कुछ नकदी है। पुलिस आरोपी के दूसरे साथियों की भी तलाश कर रही है।