भरतपुर

भरतपुर में गैंगवार…सरेआम हिस्ट्रीशीटर कृपाल जघीना की गोली मारकर हत्या

-रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य भी थे कृपाल सिंह-परिजनों व समर्थकों का आरबीएम अस्पताल में हंगामा-जघीना गेट पास वारदात, गाड़ी पर एक दर्जन गोलियों के निशान-सांसद रंजीता कोली, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेष सिंह, एसपी श्याम सिंह मौके पर पहुंचे

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Sep 05, 2022
भरतपुर में गैंगवार...सरेआम हिस्ट्रीशीटर कृपाल जघीना की गोली मारकर हत्या

भरतपुर. शहर के जघीना गेट के पास बदमाशों ने गाड़ी में सवार हिस्ट्रीशीटर कृपाल सिंह जघीना पर जमकर फायरिंग कर दी। फायरिंग के बाद बदमाश भागने में सफल हो गए। फायरिंग के कारण गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। आनन-फानन में कृपाल सिंह के समर्थक व दोस्त उन्हें आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसको लेकर समर्थकों ने आरबीएम अस्पताल में हंगामा कर दिया। मृतक रेलवे बोर्ड सलाहकार समिति के सदस्य व मल्लखंभ के जिलाध्यक्ष भी थे। इधर, सांसद रंजीता कोली, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेष सिंह, एसपी श्यामसिंह मौके पर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब पौने 11 कृपाल सिंह जघीना अपने दोस्तों के साथ किसी काम के होने के बाद घर जा रहे थे कि जघीना गेट के पास बाइक सवार बदमाशों ने गाड़ी को रोककर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग कर भाग गए। कुछ लोगों ने बदमाशों का पीछा करने की भी कोशिश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सके। घायल अवस्था में कृपाल सिंह को आरबीएम अस्पताल लेकर आए, जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे आक्रोशित उनके समर्थकों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। डॉक्टरों के साथ मारपीट की। इससे डरकर अस्पताल से डॉक्टर व चिकित्साकर्मी भाग गए। करीब एक घंटे तक मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ी। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां पर भी उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आनन-फानन में लिया ऐसा निर्णय

पुलिस अधिकारियों ने उपद्रव फैलने की आशंका को देखते हुए आनन-फानन में कृपाल सिंह को निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, लेकिन उपद्रव फैलने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक उन्हें वहां रखा गया। साथ ही यह सूचना किसी को भी देने के लिए मना किया गया।

एक बार फिर छिड़ी गैंगवार

अभी तक पुलिस इस मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन संभावना है कि यह कुछ गैंगों के बीच छिड़ी गैंगवार का परिणाम है। क्योंकि पिछले कुछ समय से दो गैंगों के बीच कभी झगड़ा तो कभी राजीनामा किसी न किसी केस में हो रहा था। जघीना जिले का सबसे बड़ा माना जाता है। साथ ही यहां के कुछ बदमाशों की गैंग भी काफी समय से सक्रिय हो रही है।

Published on:
05 Sept 2022 12:37 am
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