भरतपुर

सरसों के बिगड़े भाव, किसानों ने खाया ताव

- दिनभर होता रहा हंगामा, पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह एवं राज्यमंत्री डॉ. गर्ग ने पहुंचकर की समझाइश, प्रशासन ने स्वीकार गलती
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Updated: 14 Mar 2021, 11:20 AM IST
सरसों के बिगड़े भाव, किसानों ने खाया ताव
सरसों के बिगड़े भाव, किसानों ने खाया ताव

भरतपुर . अच्छी आवक और अच्छे भावों से किसानों की किस्मत चमका रही सरसों के भाव बिगडऩे से शनिवार को किसान ताव खा गए। ऐसे में मंडी में हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में किसान भावों को लेकर मंडी प्रशासन से उलझते रहे। सूचना पर पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह एवं चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर मामला शांत कराया। दोपहर से शुरू हुआ हंगामा शाम तक चलता रहा।
नई मंडी स्थित सरसों मंडी में शनिवार सुबह बड़ी संख्या में किसान सरसों की फसल बेचने पहुंचे। सुबह कुछ व्यापारियों ने सरसों के भाव 5385 रुपए तक लगा दिए। यहां कुछ व्यापारी महज 600 कट्टा खरीदकर मंडी से चलते बने। ऐसे में मंडी में सरसों के भाव बिगड़ गए। अन्य व्यापारी किसानों से 5300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से ही सरसों खरीद पर अड़े थे, जबकि किसान सरसों के भाव 5385 रुपए लेने पर आमादा थे। इसको लेकर मंडी प्रशासन और किसान आमने-सामने हो गए। व्यापारियों की ओर से 5385 रुपए के हिसाब से सरसों नहीं खरीदने पर किसानों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पूर्व मंत्री एवं राज्यमंत्री मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। साथ ही मौके पर पहुंचे एडीएम केके गोयल ने भी किसानों से समझाइश की। बाद में भाव 5300 रुपए ही खुलने पर सहमति बनी। पूर्व मंत्री ने बताया कि इसको लेकर एडीएम एवं मंडी सचिव से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। इस पर उन्होंने गलती स्वीकारी है। आगे से मंडी प्रशासन को किसानों की समस्याओं को लेकर सजग रहने को कहा है।

प्रतिशत पर भी जताई आपत्ति

भाव बिगडऩे के दौरान किसानों के हंगामे के बीच कुछ किसानों ने सरसों से निकलने वाले तेल के प्रतिशत को लेकर भी आपत्ति जताई। किसानों की आपत्ति के बाद गुणवत्तापूर्ण सरसों की मशीन से तेल का प्रतिशत जांचा गया, जो 45 से 46 प्रतिशत रहा।

पहुंची 30 हजार क्विंटल सरसों

सरसों मंडी में शनिवार को सरसों की बंपर आवक हुई। मंडी में 30 हजार क्विंटल सरसों पहुंची। सरसों के 60 हजार कट्टों की आवक से एक बार मंडी सरसों से अटी नजर आई।

इनका कहना है

मैं कुम्हेर गया था। वहां भी किसानों ने यही समस्या रखी थी। शनिवार को 5385 रुपए का भाव खुलने पर मैं सेकेट्री के रूम में गया। यहां मंडी अध्यक्ष एवं एडीएम मौजूद थे। उन्होंने अपनी गलती स्वीकारी है। कल से सुबह 11 बजे दोनों मंडियों में रेट खुलेंगी। साथ ही हर कट्टे पर तुलाई का 100 ग्राम का फायदा किसानों को देने की बात कही है। मंडी प्रशासन को आगाह किया है कि किसानों को किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं होनी चाहिए।

- विश्वेन्द्र सिंह, विधायक डीग-कुम्हेर

इनका कहना है

कुछ लोगों ने भाव 5385 लगा दिया था। इसके बाद कुछ आढ़तियों ने इस भाव पर सरसों खरीदने से मना कर दिया। इसको लेकर किसानों ने शोर-शराबा कर दिया था।

- बलवीर सिंह, सचिव सरसों मंडी भरतपुर

इनका कहना है

किसानों का असंतोष था। इसके लिए मैंने एडीएम को कहा है। कल से कृषि उपज मंडी का व्यक्ति बोली लगाने के दौरान साथ रहेगा। सहमति से जो भाव निकलेगा वह निकाला जाएगा। कुछ लोग भाव बिगाड़ गए थे। उन्हें नोटिस दिलवाया जा रहा है। किसानों को भड़काने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। किसानों के हित के लिए लैब सही कराई गई है। पहली बार पूरे राजस्थान में भरतपुर में लैब सही आ रही है। मंडी प्रशासन को पानी की बेहतर व्यवस्था करने को कहा है। मंडी में बंपर आवक इस बात की ***** है कि यहां दाम, तोल और लैब भी सब सही है। किसानों के साथ कोई भी बेईमानी नहीं करनी दी जाएगी।

- डॉ. सुभाष गर्ग, चिकित्सा राज्य मंत्री

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