
रूपवास. गांव सिरसोन्दा के वाशिंदे अंतिम छोर पर स्थित चामड़ माता मंदिर, सीताराम मंदिर, सरकारी स्कूल व कुआं पर जाने के लिएकीचड़ में होकर निकलते है। जिससे बच्चे, महिला व ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस बारे में नगरपालिका अध्यक्ष व अधिकारियों से कई बार सड़क बनवाने की बात कह दी। लेकिन 15 साल पूर्व मिट्टी डालकर बनी कच्ची सड़क पर आज तक कोई काम नही हुआ है। इसको लेकर ग्रामीण जल्द ही एसडीएम कार्यालय व नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करेंगे।
ग्रामीण लक्ष्मण सिंह भाटी, गोविंद सिंह परमार, पार्षद लाखनसिंह, डूंगरसहाय वकील, सुरेंद्र सिंह, रामअवतार आदि ने बताया कि गांव में एकमात्र शिक्षा का मंदिर आबादी से 300 मीटर दूर है। वहीं पर सीताराम जी महाराज का मंदिर व सार्वजनिक कुआं है। लेकिन वहां जाने के लिए कोई सरकारी रास्ता नहीं था। इन जगहों के आसपास खेत थे। जिस पर सरकारी स्कूल के तत्कालीन संस्था प्रधान जलसिंह इन्दोलिया ने ग्रामीणों की बैठक आयोजित कर स्कूल, मंदिर व कुआं के लिए रास्ता देने की बात रखी। इस पर बैठक में मौजूद खेत मालिक ब्रजलाल, लाखनसिंह, बुद्धि राम, बिजेंद्र सिंह ने सहमति जताते हुए जगह दान कर दी। ग्राम पंचायत ने उस पर मोरम मिट्टी डालकर रास्ता बना दिया। लेकिन तब से लेकर आज तक इस रास्ते को पक्का करने की जहमत किसी भी जनप्रतिनिधि ने नहीं उठाई। इस बारे में पूर्व में लोगों ने सरपंच व वर्तमान में नगरपालिका अध्यक्ष से कह दी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में रोष है। वही बारिश के मौसम में इस सड़क से निकलना दूभर हो जाता है। कई बार शिक्षक, ग्रामीण व बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। इसलिए ग्रामीणों ने इस कच्चे रास्ते पर सीसी रोड डलवाने की मांग की है।