-यूआईटी व जिला प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ गुस्से में सैकड़ों खातेदार-12 वर्ष से कर रहे न्याय का इंतजार
भरतपुर. नगर सुधार न्यास की ओर से प्रस्तावित संभाग की सबसे बड़ी आवासीय कॉलोनी सेक्टर नंबर 13 के खातेदार गुस्से में आ गए हैं। कारण भी स्पष्ट है कि पिछले 12 साल से सैकड़ों खातेदार नगर सुधार न्यास, जिला प्रशासन व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। खुद जमीनों के मुआवजे के रूप में अभी तक 25 प्रतिशत भूखंड के पट्टे तक नहीं मिल सके हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 13 जुलाई के अंक में सेक्टर नंबर 13: खातेदारों से 12 साल पहले खेती का हक छीना, मुआवजे का अब तक इंतजार शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। उसके बाद से ही लगातार खातेदारों का दर्द बयां किया जा रहा है।
आंदोलन को गांव बरसो का नगला में हुई बैठक में खातेदारों ने कहा कि नगर सुधार न्यास व जिला प्रशासन की ओर से पिछले 12 साल से किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो झूठे अफसरों के कारण परिवार के भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। जमीनों के अधिगृहण के कारण पहले से ही परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। अगर और झूठे आश्वासनों को स्वीकार करते रहे तो स्थितियां और भी बदतर हो जाएंगी। इसलिए आवश्यक है कि अब प्रशासन को यह बताया जाए कि किसान किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं है। साथ ही इस आंदोलन में जो जनप्रतिनिधि शामिल नहीं होते हैं, उन्हें आगामी समय में सबक सिखाया जाएगा, जब वह उनके पास वोट मांगने आएंगे। क्योंकि उन्हीं की लापरवाही व वोट बैंक की राजनीति के कारण आज किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार को नगर सुधार न्यास के कार्यालय पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके लिए सोनपुरा, विजय नगर, तेरही नगला, जाट मड़ौली, श्रीनगर, मलाह, अनाह आदि गांवों में जनसंपर्क कर किसानों से प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया है। अगर किसानों को प्रदर्शन करने से रोका जाता है या फिर दबाया जाता है, इसका जिम्मेदार नगर सुधार न्यास व जिला प्रशासन ही रहेगा।
सच ये...भूमाफियाओं की खेल में शामिल है पूरा सिस्टम
किसानों ने बताया कि सेक्टर नंबर 13 में खातेदारों को 25 प्रतिशत भूखंड के पट्टे व मुआवजा नहीं देने के पीछे भूमाफिया गिरोह का षड्यंत्र छिपा हुआ है। अगर सेक्टर नंबर 13 की आवासीय योजना में आवेदन लेकर भूखंड आवंटित होते हैं तो लंबे समय के लिए शहर की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। ऐसे में भूमाफिया गिरोह की दुकान भी बंद हो जाएगी। इसलिए भूमाफिया गिरोह की योजना के आधार पर नगर सुधार न्यास, जिला प्रशासन काम कर रहा है। इससे जहां भूमाफिया नई-नई कॉलोनियां विकसित करने में जुटे हुए हैं तो सेक्टर नंबर 13 के खातेदारों से ही सस्ते दामों में सौदा करने में जुटे हुए हैं। अगर यह कहा जाए कि सेक्टर नंबर 13 की योजना भूमाफिया गिरोह के इशारे पर ही चल रही है तो यह गलत नहीं होगा। असल में यूआईटी के हर कॉलोनी को लांच करने के बाद उसमें देरी के पीछे भूमाफिया गिरोह का ही हाथ रहता है।