Rajasthan News : खूबसूरती में चित्रलेखा की तुलना कथावाचक जया किशोरी से की जाती है।
Rajasthan News : कथावाचक चित्रलेखा इन दिनों राजस्थान के भरतपुर प्रवास पर हैं। वे यहां गांव लुधावई में श्रीमद् भागवत कथा कर रही हैं। आपको बता दें कि चित्रलेखा जानीमानी कथावाचक हैं। कथावाचिका चित्रलेखा, जया किशोरी की तरह ही काफी सुंदर हैं। साथ ही उनके सोशल मीडिया पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स हैं। देवी चित्रलेखा भारत की सबसे कम उम्र की आध्यात्मिक संतों में से एक हैं। एक वक्त सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ी थी कि उन्होंने एक मुस्लिम लड़के से शादी कर ली है। हालांकि बाद उन्होंने खुद इसका खंडन किया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि जो लोग सत्य जानते हैं उन्हें पता है कि उनके पति ब्राह्मण परिवार से हैं तथा उनका नाम माधव तिवारी है। बता दें कि खूबसूरती में चित्रलेखा की तुलना कथावाचक जया किशोरी से की जाती है।
देवी चित्रलेखा के भक्तों की तादाद काफी ज्यादा है। उनकी इस उपलब्धि की वजह से ही उनकी तुलना जया किशोरी से की जाती है। उनके सोशल मीडिया पर भी अच्छी खासी फैंन्स फॉलोइंग है। इंटाग्राम पर उनके 2 मिलियन से भी अधिक फॉलोअर्स है। कथावचिका चित्रलेखा मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं। उनका जन्म 19 जनवरी 1997 को हुआ है। वह बचपन से ही तेजी थी। पलवल में उनका पैतृक घर है। छोटी उम्र से ही चित्रलेखा ने कथा वाचन शुरू कर दिया था। साथ ही गौ सेवा के लिए 2008 में उन्होंने पलवल में विश्व संकीर्तन यात्रा ट्रस्ट की स्थापना की थी।
वहीं भरतपुर में कथा के दौरान चित्रलेखा ने कहा कि धर्म के नाम पर झगड़ा उचित नहीं है। हम अपने धर्म का ज्यादा आदर करें, क्योंकि यह हमें जीवनशैली सिखाता है। मंदिर तोड़ने या नहीं बनने देने की बात करने वाले न तो धार्मिक हो सकते हैं और न ही भारतीय और सच्चे मानव। सनातन धर्म पर अंगुली उठने के सवाल पर चित्रलेखा ने कहा कि सनातन धर्म को नहीं जानने वाला ही उस पर अंगुली उठा सकता है। बच्चा-बच्चा जानता है कि यह भगवान राम और भगवान कृष्ण का देश है।