-पंचायतों के पीडी खाते खुलवाने के आदेश का सरपंचों ने किया विरोध शुरू, एक रुपए का भी भुगतान नहीं कर सकेंगे सरपंच, चाय-पानी तक के लिए रहेगी राशि की कमी
भरतपुर. जिले के सरपंचों ने सोमवार को बैठक कर सर्व सम्मति से पंचायतों को वित्तीय अधिकार वापस देने की मांग की। अधिकार वापस नहीं दिए गए तो 21 जनवरी को ग्राम पंचायतों में तालाबंदी की जाएगी। इसके बाद में 28 को प्रदेश भर के सरपंच जयपुर में मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखेंगे। जिले के सरपंचों की सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक के बाद सरपंच संघ ने एडीएम को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
सरपंच संघ की बैठक में सरपंचों ने ग्राम पंचायतों को राज वित्त आयोग की दो वर्ष चार किस्तें जारी नहीं करने एवं ग्राम पंचायतों के खोले गए पीडी खातों का विरोध करते हुए कहा कि गहलोत सरकार ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाते खोलकर ग्राम पंचायतों के संवैधानिक वित्तीय अधिकारों को छीन रही है। सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुुुमार ने कहा राज सरकार से सभी सरपंच एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। सरकार अधिकारों पर अतिक्रमण कर उनके हितों पर कुठाराघात कर रही है। 22 जनवरी को प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर सद्बुद्धि यज्ञ करेंगे। सरंपच संघ के जिला संयोजक मोहन रारह ने कहा केन्द्र व राज्य सरकारों की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को मूर्त स्वरूप प्रदान करने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं सशक्त करने के लिए समय-समय पर संविधान संशोधन कर पंचायतीराज संस्थाओं को सवतंत्र निकाय के रूप में प्रतिस्थापित किया गया है। विगत दो वर्षों से पंचायती राज संस्थाओं के प्रशासनिक एवं वित्तीय हितों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। सरपंच संघ ने बताया वित विभाग व पंचायती राज विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाते खोलने, उनके लॉगिन आईडी बनाने के निर्णय की निंदा की। सरपंच संघ ने निर्णय किया कि कोई सरपंच कोषालय व उप कोषालय में डीडीओ कोड जनरेट नहीं कराएगा और न ही लॉगिन आईडी बनवाने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करेगा। इस मौके पर जिला सरपंच संघ के महासचिव अनिरूद्ध सिंह, पंचायत समिति सेवर सरपंच संघ अध्यक्ष रणधीर सिंह, नीवो सरपंच, हंसराज सरपंच, लुधावई सरपंच गौरव पथैना, बच्चू सिंह सरपंच, द्वारका सरपंच, वीरेन्द्र सरपंच, विशाल सिंह, पुष्पराज, राहुल सोगर, राजेश सरपंच, अजीत, मांगीलाल, वीरबल, हरेन्द्र सिंह, दौलतराम, रवि कुमार एवं बरौलीछार, रायपुर, सोनगांव, अटारी आदि ग्राम पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे।
...चाय के लिए भी वित्त विभाग पर रहेंगे निर्भर
सरपंच अब पंचायतों पर तालाबंदी की तैयारी कर रहे हैं। अब पंचायतों के पैसों का हिसाब किताब वित्त विभाग के पास होगा। सरपंच को अकाउंट से पैसा विकास कार्यों के लिए दिया जाएगा। सरपंच संघ का कहना है चाय के पैसों के लिए भी अब विभाग पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसे छीनने से सरपंचों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
पहले यह था...
अब तक सरकार स्टेट फाइनेंस कमीशन से सीधा पंचायतों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करती थी। मध्यम पंचायतों में 10—10 लाख तथा बड़ी पंचायतों के लिए 15—15 लाख की दो किश्तों में पैसा दिया जाता था। जिसे सरपंच पंचायत के बैंक खाते से पैसा खर्च करते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था बंद कर दी गई है। पहले सरपंचों को खातों के ब्याज की राशि मिल जाती थी, लेकिन अब पीडी खाते खोलने के बाद यह राशि नहीं मिलेगी।
अब ऐसा होगा...
पहले बैंक से पैसे उठाकर बाद में बिल पेश करते थे अब बिल देने पर कोषालय से भुगतान होगा। पंचायत के फंड में किसी तरह की कटौती नहीं होगी, जो भी फंड मिलते हैं वे पीडी खाते में आएंगे, बिल देने पर रिलीज होंगे। बिल सरपंच व ग्रामसेवक ही प्रस्तुत करेंगे, उन पर उन्हीं के हस्ताक्षर मान्य होंग। अब पंचायतों का खाता बैंक में नहीं रहेगा, बल्कि जयपुर स्थित कोषालय में होगा।