संभाग मुख्यालय पर सुगम यातायात के लिए प्रमुख चौराहों पर लगाई ट्रेफिक लाइट धूल फांक रही है। शहर में बिजलीघर व कुम्हेर गेट चौराहे पर पिछले दिनों नगर सुधार न्यास की मदद से ट्रेफिक लाइट्स लगाई गई थी लेकिन कुछ दिन चलने के बाद ये लाइट बंद हो गई। उसके बाद से ये लाइट्स बंद पड़ी हैं।
संभाग मुख्यालय पर सुगम यातायात के लिए प्रमुख चौराहों पर लगाई ट्रेफिक लाइट धूल फांक रही है। शहर में बिजलीघर व कुम्हेर गेट चौराहे पर पिछले दिनों नगर सुधार न्यास की मदद से ट्रेफिक लाइट्स लगाई गई थी लेकिन कुछ दिन चलने के बाद ये लाइट बंद हो गई। उसके बाद से ये लाइट्स बंद पड़ी हैं।
उधर, यातायात पुलिस का कहना है कि ट्रेफिक लाइट के तारों से बार-बार छेड़छाड़ की वजह से लाइट को व्यवस्थित चलाने में परेशानी आ रही है। शहर के इन व्यस्त चौराहों पर ट्रेफिक लाइट लगने के बाद शुरू में यातायात सुचारू रूप से संचालित हुआ। लेकिन लाइट खराब होने पर वापस पुराने ढर्रे पर आ गया।
इसके बाद लाइट को वापस सही कराया लेकिन कुछ दिन चलने के बाद लाइट वापस ठप हो गई। उसके बाद से ट्रेफिक लाइट बंद पड़ी हुई हैं। जबकि यूआईटी ने लाखों रुपए खर्च कर इन चौराहों पर लाइट लगवाई थी।
उधर, यातायात निरीक्षक पिंटू कुमार ने बताया कि ट्रेफिक लाइट्स के तारों से छेड़छाड़ करने से समस्या आ रही है। इंजीनियर बुलाकर केबल का भूमिगत कराया जाएगा।
बेरीकेड्स लगा भूली यातायात पुलिस
शहर के मुख्य बाजार में यातायात को व्यवस्थित करने के लिए बिजलीघर से कुम्हेर गेट के बीच विभिन्न मोड या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाए थे। जिससे यातायात दो भागों में बांटा जा सके। लेकिन दो-तीन दिन बेरीकेड्स व्यवस्थित दिखे और बाद में ये इधर-उधर हो गए। बेरीकेड्स के गलत तरीके से रखे होने से ये वाहन चालकों परेशानी का सबब बने हुए हैं। इनके आड़े-तिरछे रखे होने से कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।