
प्रतीकात्मक तस्वीर
Delhi Beer Brands: दिल्ली में पिछले कुछ सालों में शराब और बीयर बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। निजी शराब दुकानें बंद होने के बाद ज्यादातर बिक्री सरकारी ठेकों से होने लगी और कई मशहूर बीयर ब्रांड दुकानों से गायब सी हो गईं थी। लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं। इस गर्मी में दिल्ली के सरकारी ठेकों पर लोगों की पसंदीदा बीयर फिर से मिलने लगी है। वहीं एक्साइज विभाग बिक्री और स्टॉक दोनों पर करीबी निगरानी बनाए हुए है। इससे बीयर पीने वालों में खुशी है और बिक्री में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
साल 2022 में पुरानी एक्साइज नीति लागू होने के बाद दिल्ली में शराब की बिक्री पूरी तरह सरकारी ठेकों के जरिए होने लगी। शहर में करीब 700 सरकारी शराब दुकानें हैं, जिन्हें अलग-अलग सरकारी एजेंसियां चलाती हैं। इस दौरान कई लोगों की शिकायत थी कि उनकी पसंद की मशहूर बीयर दुकानों पर आसानी से नहीं मिल रही थी और उसकी जगह दूसरे कम फेमस ब्रांड ज्यादा दिखाई देते थे। इसके चलते कई लोग बीयर खरीदने के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक जाने लगे। इससे दिल्ली में शराब की बिक्री और सरकार की कमाई पर भी असर पड़ा। अब हालात बदल रहे हैं और लोगों की पसंदीदा बीयर ब्रांड फिर से दुकानों पर दिखाई देने लगी हैं।
ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के महानिदेशक विनोद गिरी के अनुसार, जब दिल्ली में निजी शराब दुकानें थीं तब मशहूर राष्ट्रीय बीयर ब्रांडों की हिस्सेदारी करीब 80% थी। लेकिन सरकारी ठेकों की व्यवस्था आने के बाद यह लगातार घटती गई और पिछले साल मई में करीब 24% तक पहुंच गई। हालांकि इस साल मई में यह बढ़कर 54% हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि उद्योग की शिकायतों के बाद एक्साइज विभाग ने दुकानों पर निगरानी बढ़ाई और जांच शुरू की। विभाग का कहना है कि ग्राहक जिस ब्रांड की मांग करे, उसे वही ब्रांड मिलना चाहिए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल मई में दिल्ली में बीयर की बिक्री पिछले साल के मुकाबले करीब 10% बढ़ी है। मई 2026 में 11,12,761 केस बीयर बिके, जबकि मई 2025 में यह संख्या 10,10,524 केस थी। वहीं मशहूर राष्ट्रीय ब्रांडों की बिक्री भी बढ़कर 5,96,351 केस पहुंच गई, जो पिछले साल 2,47,143 केस थी। दूसरी तरफ कम पहचाने जाने वाले ब्रांडों की हिस्सेदारी घटकर 46 प्रतिशत रह गई है। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर भविष्य में निजी दुकानें वापस आती हैं और दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी खुलकर दिखाई जाती है, तो ग्राहकों को और ज्यादा ऑप्शन मिल सकते हैं। फिलहाल मौजूदा एक्साइज नीति मार्च 2027 तक लागू रहेगी और नई नीति को लेकर भी तैयारी चल रही है।
Updated on:
13 Jun 2026 03:29 pm
Published on:
13 Jun 2026 03:28 pm
