11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अरुणाचल पर चीन को भारत का करारा जवाब, MEA बोला- कोई नहीं बदल सकता ये सच्चाई

India China Dispute: चीन की अरुणाचल प्रदेश को लेकर दी गई प्रतिक्रिया पर भारत ने करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अरूणाचल प्रदेश केा भारत का अभिन्न और अविभाजित हिस्सा बताया है।
2 min read
Google source verification
India China Tensions

भारत ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की प्रतिक्रिया की खारिज, photo source@ANI

China Border Dispute: अरुणाचल प्रदेश पर चीन की प्रतिक्रिया के बारे में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, अरुणाचल भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और यह एक ऐसा तथ्य है, जो स्वतः स्पष्ट है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी चीज इस निर्विवाद सच्चाई को बदल नहीं सकती। भारत ने चीन की नाम बदलने की नीति को खारिज किया है।

चीन की आपत्तियां खारिज

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने फिर से जोर देकर कहा कि अरुणाचल प्रदेश "भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा" है। विदेश मंत्रालय ने चीन की आपत्तियों और "मानचित्र के जरिए आक्रामकता" (cartographic aggression) को खारिज कर दिया, जो तब सामने आईं जब 'सर्वे ऑफ इंडिया' के नक्शों पर राज्य की 27 अहम भौगोलिक जगहों के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए।

भारत का मैपिंग के जरिए जवाब

भारत ने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से अहम 27 जगहों (जिनमें दर्रे, चोटियां और एक झील शामिल हैं) को नक्शों पर आधिकारिक तौर पर चिह्नित किया। यह कदम चीन की ओर से राज्य की जगहों के चीनी नाम रखने की बार-बार की जा रही कोशिशों के बीच उठाया गया है। सरकार ने कहा कि इस कदम का मकसद जगहों की सही पहचान सुनिश्चित करना और उनके भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

चीन की आपत्ति का कड़ा विरोध

बीजिंग के विदेश मंत्रालय ने भारत के इस कदम को गैर-कानूनी और अमान्य बताया और उस इलाके पर अपना पुराना दावा दोहराया, जिसे वह "जंगनान" या "दक्षिणी तिब्बत" कहता है। भारत के रुख को दोहराते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि "इस निर्विवाद सच्चाई को कोई नहीं बदल सकता।" उन्होंने बीजिंग द्वारा नाम बदलने की मनगढ़ंत कहानियों की कड़ी आलोचना की, क्योंकि इनसे दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों में नकारात्मकता आती है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराया विरोध

अरुणाचल प्रदेश के भारतीय नागरिकों पर मनमाने यात्रा प्रतिबंधों और हवाई अड्डों पर उन्हें रोके जाने को लेकर भी तनाव बढ़ा है। चीन सोशल मीडिया पर भी अरुणाचल प्रदेश के संदर्भ में दुष्प्रचार कर रहा है। हालांकि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बारे में विरोध दर्ज कराया है।