राजस्थान के भरतपुर जिले में एक अजीब ही मामला सामने आया है। भरतपुर के एसपी दिगत आनंद ने पुलिस थाने के दो सिपाहीयों को बर्खास्त कर दिया है और उनके खिलाफ जांच बिठा दी गई है। मामला बेहद ही संवेदनशील है। दरअसल दोनों पुलिसकर्मी अपने साथ नजदीक के ही एक गांव की लड़की को जबरन […]
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक अजीब ही मामला सामने आया है। भरतपुर के एसपी दिगत आनंद ने पुलिस थाने के दो सिपाहीयों को बर्खास्त कर दिया है और उनके खिलाफ जांच बिठा दी गई है। मामला बेहद ही संवेदनशील है। दरअसल दोनों पुलिसकर्मी अपने साथ नजदीक के ही एक गांव की लड़की को जबरन थाने ले आए थे वह भी रात के समय। गांव के लोगों ने जब थाने का घेराव किया, एक शख्स ने वीडियो भी बनाया। उसे पीटा गया। इस पूरे मामले की जानकारी जब थानाधिकारी को मिली तो उच्च अफसरों को भी सूचना दी गई। मामला भुसावर थाने का है। पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है।
नजदीक के गांव से लड़की को बाइक पर बिठा लाए दोनों पुलिसकर्मी
दरअसल पूरा मामला 22 जनवरी की रात का है। थाने के नजदीक ही एक गांव में होकर गुजर रहे पुलिसकर्मी सोनू और परमवीर अपने साथ गांव की ही एक लड़की को बिठाकर थाने ला रहे थे। गांव के एक घर के बाहर से गुजरे तो वहां एक युवक मौजूद था। उसने बाइक सवार पुलिसवालों का वीडियो बना लिया। इसी बात से विवाद पैदा हो गया। कुछ देरी के बाद लड़की के परिवार वाले भी वहां से गुजरे तो युवक ने उन्हें सब बता दिया।
युवक को पीटा, वीडियो डिलिट कराने की कोशिश
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब पुलिसकर्मी थाने पहुंचे तो वहां उस युवक को भी पकड़कर लाया गया। उसे पीटा गया और उससे वीडियो डिलिट कराने का प्रयास किया गया। लेकिन इस बीच गांव वाले थाने आ पहुंचे और हंगामा हो गया। थाने के अन्य स्टाफ ने इस बारे में थानाधिकारी को सूचना दी। वे तुरंत थाने पहुंचे और गांव वालों से मुकदमा दर्ज कराने को कहा। हालांकि गांव वालों ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया, लेकिन पुलिसवालों के खिलाफ एक्शन की मांग की।
एसपी ने दोनों को किया बर्खास्त
थानाधिकारी ने इस मामले की सूचना तुरंत एसपी दिगत आनंद को दी। उन्होनें पूरे घटनाक्रम की जांच कराने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को फिलहाल बर्खास्त कर दिया है। वे दोनों लड़की को लेकर थाने क्यों आए थे, इस बारे में फिलहाल जांच चल रही है।
क्या कहते हैं महिला या युवती की गिरफ्तारी के नियम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अंधेरा होने के बाद किसी भी महिला या युवती को अरेस्ट करने से पहले नियमों को फॉलो करना जरूरी है। दिन में भी किसी महिला को अरेस्ट किया जाना है तो महिला पुलिस स्टाफ होना जरूरी है। अगर वह नाबालिग है तो नियम और भी ज्यादा सख्त हैं। परिवार के किसी बड़े सदस्य की मौजूदगी होना जरूरी है। सबसे बड़ा नियम है कि रात के समय महिला या युवती को थाने की हवालात में रखना मना है। अगर ऐसा किया जाना है तो उसके लिए अलग नियम हैं।