गुर्जर समाज को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इसके तहत इस चुनावी साल में गुर्जर समाज एकबार फिर पटरियों पर बैठ सकते हैं।
भरतपुर। गुर्जर समाज को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इसके तहत इस चुनावी साल में गुर्जर समाज एकबार फिर पटरियों पर बैठ सकते हैं। गुर्जर आरक्षण आंदोलन की 15वीं बरसी के मौके पर गुर्जर समाज एकबार फिर फिर हुंकार भरेगा। इसको लेकर राज्य सरकार को भी चेतावनी दी गई है। भरतपुर के बयाना के पीलूपुरा में आयोजित कार्यक्रम में गुर्जर नेता विजय बैंसला सहित समाज के कई नेता और बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल हुए। इस दौरान गुर्जर नेता विजय बैंसला ने कहा कि अभी तक राजस्थान सरकार ने समाज की कई मांगें पूरी नहीं की हैं। बैकलॉग जैसे कई मांगे अभी तक विचाराधीन हैं। अब समाज इन सभी मांगों को लेकर सरकार के साथ वार्ता करेगा है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार के साथ सकारात्मक बात होगी और सरकार जल्द ही मांगें पूरी करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि समाज की मांगे पूरी नहीं हुई तो समाज फिर से सड़क और पटरी पर बैठ सकता है।
गुर्जर समाज के लोगों ने हाल ही में पीलूपुरा शहीद स्थल पहुंचकर श्रृद्धांजलि दी। इस मौके पर गुर्जर नेता विजय बैंसला और अन्य लोग यहां धरना दे रहे 372 रीट अभ्यर्थियों से भी मिले। विजय बैंसला ने कहा कि अभी तक वर्ष 2013 से 2018 तक की भर्ती के बैकलॉग का मामला, प्रक्रियाधीन भर्तियों में 5 फीसदी आरक्षण, 35 फीसदी शिथिलता का मामला जैसी मांगे अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि एक बार फिर सरकार के साथ वार्ता होने वाली है। उसके आधार पर आगे की रणनीति तय करेंगे। विजय बैंसला ने बताया कि 30 मई को कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की प्रतिमा का कोटा में अनावरण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे।
आपको बता दें कि पीलूपुरा गुर्जर आरक्षण आंदोलन की 15वीं बरसी पर हिंडौन स्टेट हाईवे स्थित स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजय बैंसला सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गुर्जर समाज के सैकड़ों लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही 2 मिनट का सामूहिक मौन रखकर आंदोलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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इस दौरान आयोजित हुई सभा में रीट 2018 भर्ती में बाकी 4 फीसदी आरक्षण मिलने के बाद एमबीसी वर्ग के लिए रिजर्व रखे गए 372 पदों पर नियुक्ति का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। अधिकतर वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में इस मुद्दे को लेकर सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए एक बार फिर से आंदोलन करने की बात कही।