भरतपुर

वियतनाम के राजदूत ने देखा घना, बोले: हमारे देश से मिलता है यहां का ग्राम विकास मॉडल

-यूनेस्को में भी खास पद पर रह चुके हैं, इस लिहाज से घना का भी किया भ्रमण
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Sep 21, 2020
वियतनाम के राजदूत ने देखा घना, बोले: हमारे देश से मिलता है यहां का ग्राम विकास मॉडल
वियतनाम के राजदूत ने देखा घना, बोले: हमारे देश से मिलता है यहां का ग्राम विकास मॉडल

भरतपुर. वियतनाम के राजदूत पाम शान चाऊ ने रविवार को एक दिवसीय दौरे के तहत भरतपुर का भ्रमण किया। उन्होंने सबसे पहले केवलादेव घना को देखा। चूंकि वे खुद भी यूनेस्को में बड़े ही खास पद पर रह चुके हैं। ऐसे में उन्होंने खुद ही सबसे पहले घना का भ्रमण करने की बात कही। उनके साथ आए 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी शहर के प्राचीन स्थलों का अवलोकन किया। घना देखने के बाद उन्होंने ग्रामीण विकास मॉडल को भी देखा। उन्होंने कहा कि हमारे देश का ग्रामीण विकास मॉडल भरतपुर से काफी मिलता है। यहां आकर बहुत अच्छा लगा। राजकीय संग्रहालय व किले में प्राचीन संस्कृति व इतिहास को जानने का अवसर मिला।
वियतनाम के राजदूत के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले ग्रामीण विकास मॉडल को देखा। इसमें बताया गया कि भरतपुर जिले में स्वरोजगार की कल्पना को साकार करते हुए महिला-पुरुष लघु व कुटीर उद्योग में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने भी अवगत कराया कि वियतनाम में भी ऐसे उद्योगों को बहुत प्रोत्साहन दिया जाता है। वहां का माइक्रो फाइनेंस यहां से बहुत मिलत जुलता है। जल्द ही दुबारा से कार्यक्रम बनाकर भरतपुर आएंगे। उसके बाद दोनों जगह के विचार व नवाचारों को शामिल कर कुछ अलग करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें लुपिन के अधिशाषी निदेशक सीताराम गुप्ता ने 30 साल की यात्रा की किताब, भरतपुर लाइवलिहुड़ मॉडल किताब भी दी। इसके बाद वियतनाम के राजदूत ने कहा कि दिल्ली में मिलकर ग्रामीण विकास मॉडल पर और विस्तार से चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राजदूत के आने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया। जहां वे रुके हुए थे और जहां उन्हें भ्रमण के लिए जाना था, वहां सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त किए गए।

पिछले कुछ सालों में ही किया वियतनाम ने विकास

वियतनाम से आए प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत में कहा कि वियतनाम में लघु व कुटीर उद्योगों को बहुत प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यहां खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, जूते, कोयला, स्टील, सीमेंट, कांच, टायर, पेपर उद्योग विकसित हुए जो देश के निर्यात में तेजी से बढ़े हैं। वहीं कृषि में धान, कॉफी, रबर, कपास चाय, मिर्च, सोयाबीन, काजू, गन्ना, मूंगफली, केला आदि की पैदावार ने भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। नियोजित अर्थव्यवस्था से समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था की ओर जाने से वियतनाम में उन्नति की गति तेजी से बढ़ी। 2007 में वियतनाम विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बना। आज भी वहां स्वरोजगार की कल्पना करने वाले महिला-पुरुषों की संख्या अधिक है।

Updated on:
21 Sept 2020 04:38 pm
Published on:
21 Sept 2020 04:38 pm