भरतपुर

एक सप्ताह से हो रहा था विरोध, ठेका बंद नहीं हुआ तो महिलाओं ने की ठेके पर तोडफ़ोड़

-रिकॉर्डिंग कर रहे एक व्यक्ति का कैमरा तोड़ा

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May 14, 2020
एक सप्ताह से हो रहा था विरोध, ठेका बंद नहीं हुआ तो महिलाओं ने की ठेके पर तोडफ़ोड़

भरतपुर. एक सप्ताह से जिस शराब के ठेके को बंद कराने की मांग को लेकर महिलाओं ओर से विरोध किया जा रहा था, आबकारी विभाग के नहीं मानने पर अब बुधवार को महिलाओं ने फिर हंगामा कर दिया। ठेकेदार का आरोप है कि ठेके पर तोडफ़ोड़ के बाद लोग शराब लूट ले गए। साथ ही ठेके की रिकॉर्डिंग कर रहे एक युवक का कैमरा भी तोड़ दिया। इसका मुकदमा कोतवाली थाने में दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार शहर के कमला रोड स्थित बड़ा मोहल्ला में देशी शराब का ठेका खोलने के लिए आबकारी विभाग की ओर से स्वीकृति दी गई थी। स्वीकृति मिलने के बाद ठेकेदार ने वहां ठेका भी खोल दिया, लेकिन तभी से महिलाओं की ओर से ठेके का विरोध किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि ठेका मोहल्ले में होने से उनके पति शराब का अधिक सेवन करते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ घर की शांति भी समाप्त हो चुकी है। विरोध के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने ठेका शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया था। इसके लिए आबकारी विभाग की ओर ठेकेदार को निर्देशित भी कर दिया गया था। बुधवार को आबकारी विभाग के अधिकारियों की स्वीकृति के बाद ठेकेदार ने ठेका खोल दिया। दोपहर करीब तीन बजे मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हो गई। महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं ने ठेके पर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। इतने में ही कुछ लोग ठेके से शराब निकाल कर ले गए। पास में ही ठेकेदार की ओर से रिकॉर्डिंग कर रहे विजय सैनी का कैमरा तोड़ दिया। सूचना पाकर आबकारी विभाग की इंस्पेक्टर विद्या कुमारी मौके पर पहुंची। इसके कोतवाली थाने की पुलिस भी पहुंची, लेकिन काफी कोशिश के बाद भी महिलाओं ने बात नहीं मानी। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह से ठेके को शिफ्ट कराने की मांग को लेकर विरोध किया जा रहा है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों की भी धज्जियां उड़ती नजर आ रही है।

महिलाओं का विरोध जायज, कानून का उल्लंघन गलत

अगर सही मायने में देखा जाए तो महिलाओं का विरोध जायज है, क्योंकि बड़ा मोहल्ले में महिलाओं के ठेके का विरोध करने के पीछे कहानी यह भी है कि वहां लोग दिन में खूब शराब खरीदते हैं। इससे घरों में झगड़े भी अधिक होते हैं। इसलिए महिलाओं की मांग जायज है, लेकिन कानून का उल्लंघन करने के साथ ही कोरोना संकट के समय से इस तरह करना ठीक नहीं है। इसलिए अब प्रशासन को भी महिलाओं की मांग को देखते हुए त्वरित निर्णय करने की आवश्यकता है।

Updated on:
14 May 2020 04:13 pm
Published on:
14 May 2020 03:43 pm
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