हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने बीए की परीक्षाओं में नकल करने वाले विद्यार्थियों के यूएफएम मामले बनाए थे, जिनका निराकरण कर बुधवार को फैसला सुनाया गया।
भिलाई. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने बीए की परीक्षाओं में नकल करने वाले विद्यार्थियों के यूएफएम मामले बनाए थे, जिनका निराकरण कर बुधवार को फैसला सुनाया गया। बीए के तीनों वर्षों की परीक्षाओं में कुल 117 प्रकरण दर्ज हुए। यूनिवर्सिटी अनफेयर मींस कमेटी (यूएफएम) ने सभी मामलों का अध्ययन करने के बाद निर्णय लिया है। इसमें से 45 छात्रों के पास से मिली नकल सामाग्रियों का उक्त पेपर से संबंध साबित हुआ। विवि ने इनका एक पेपर निरस्त कर दिया है। बीए के नकलचियों में सिर्फ 5 को ही क्षमादान दिया गया है। विवि ने नकल के प्रकरणों को ए, बी और सी केटेगरी में रख निर्णय सुनाया। इसके तहत ए केटेगरी में आए विद्यार्थियों को क्षमा किया गया है, जबकि बी और सी केटेगरी में आए छात्रों पर कार्रवाई हुई है।
विवि ने 56 विद्यार्थियों की परीक्षा निरस्त की
नकल की गंभीर सामाग्रियों के साथ धराए ५६ विद्यार्थियों को सी केटेगरी में रखा गया है। यूएफएम समिति ने इनके प्रकरणों को क्षमा योग्य नहीं माना। इन सभी की पूरी परीक्षा ही निरस्त कर दी गई है। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. राजेश पांडेय ने बताया कि यह सभी छात्र एक से अधिक बार नकल करते हुए पकड़ाए। इसलिए यूएफएम समिति ने ऐसा निर्णय लिया।
जानिए कितने विद्यार्थियों को लगा झटका
बीए भाग - 1
ए - 5
बी - 10
सी -21
बीए भाग - 2
बी - 24
सी - 20
बीए भाग - 3
बी - 11
सी - 15