Bhilai News: राजनांदगांव की रहने वाली एक महिला सात जनवरी को घर छोड़कर चली गई थी। महिला ने पुलिस को बताया कि वह अपने चार साल के बच्चे से मिलना चाहती थी, लेकिन....
CG News: महिला थाना भिलाई की प्रभारी नीता राजपूत के अनुसार, राजनांदगांव की रहने वाली एक महिला सात जनवरी को घर छोड़कर चली गई थी। महिला ने पुलिस को बताया कि वह अपने चार साल के बच्चे से मिलना चाहती थी, लेकिन बच्चे का नाम लेते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी। उसने कहा, ‘मेरे बच्चे को सामने मत लाना, मैं अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पाऊंगी। मेरा पति अच्छा है, लेकिन अब मैं अकेले रहना चाहती हूं। बस पुलिस मेरी मदद करे, मैं वापस घर नहीं जाना चाहती।’
घर छोड़ने के बाद महिला ने प्रेमी से मदद मांगी। वहां से निराशा हाथ लगी। इसके बाद महिला 11 दिन तक रायपुर में रही। इस दौरान उसने महतारी वंदन योजना की राशि और अपने 12 हजार रुपए से खुद का खर्चा और खाने-पीने का इंतजाम किया। उसने एक होस्टल में टिफिन बनाने का काम शुरू किया, जिससे जीवन यापन कर रही है।
महिला ने बताया कि शादी के समय उसकी पढ़ाई 12वीं तक हुई थी। पति ने उसकी बीएससी की पढ़ाई पूरी करवाई। इस दौरान उनके घर एक बच्चा हुआ, जिसकी उम्र वर्तमान में चार साल है। महिला का कहना है कि परिवार उसे अक्सर डांटता और फटकारता था, खासकर उसके पूर्व प्रेमी के संबंध में।
महिला ने रायपुर में पुलिस से कोई मदद न मिलने पर ट्रेन से भिलाई का रुख किया। रेलवे स्टेशन पर महिला थाने पहुंची और अपनी कहानी बताई। थाना प्रभारी ने महिला की पूरी स्थिति समझी और राजनांदगांव के संबंधित थाना में उसकी गुमशुदगी की जानकारी ली। महिला ने स्पष्ट किया कि वह अब मायके या ससुराल दोनों जगह नहीं जाना चाहती। पुलिस ने उसे सखी सेंटर में ठहराया और काउंसलिंग का प्रबंध किया।
एक परेशान महिला थाने पहुंची है, थाना प्रभारी को महिला की समस्या पूरी सुनकर उसकी ठहराने की व्यवस्था सखी सेंटर में कराने का निर्देश दिया है। काउंसलिंग कराने को भी कहा गया है। विजय अग्रवाल, एसएसपी, दुर्ग