
E20 Petrol Controversy: देशभर में प्रदूषण कम करने और एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए E20 पेट्रोल को तेजी से लागू किया जा रहा है। सरकार इसे स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के रूप में बढ़ावा दे रही है, लेकिन भिलाई में सामने आए एक मामले ने इसे लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक बाइक मालिक ने आरोप लगाया है कि E20 पेट्रोल भरवाने के कुछ समय बाद उसकी बाइक अचानक बंद हो गई।
जब वाहन को मिस्त्री के पास ले जाया गया तो बाइक के टैंक से पेट्रोल के साथ पानी जैसा तरल निकलता दिखाई दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि बाइक की खराबी का कारण E20 पेट्रोल ही था। न ही पेट्रोल की किसी प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट सामने आई है। फिलहाल वायरल वीडियो और वाहन मालिक के दावे के आधार पर यह मामला चर्चा में है।
भिलाई निवासी अतुल अर्जुन शर्मा का कहना है कि उन्होंने अपनी होंडा शाइन BS6 बाइक में E20 पेट्रोल भरवाया था। इसके बाद कुछ दूरी चलने के बाद बाइक अचानक बंद हो गई और दोबारा स्टार्ट नहीं हुई। जब बाइक को स्थानीय मिस्त्री के पास ले जाया गया तो जांच के दौरान टैंक से निकले तरल में पेट्रोल के साथ पानी जैसा पदार्थ दिखाई दिया। मिस्त्री का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह टैंक से निकले तरल को दिखाते हुए दावा करता नजर आ रहा है कि पेट्रोल में पानी जैसा मिश्रण दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है। कई वाहन चालक सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह ईंधन पुरानी BS4 और शुरुआती BS6 वाहनों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। कुछ लोगों का कहना है कि E20 पेट्रोल लागू करने से पहले सभी पुराने मॉडलों की तकनीकी अनुकूलता सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। वहीं, कई लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक कारण स्पष्ट हो सके।
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार का उद्देश्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना, किसानों से खरीदे जाने वाले एथेनॉल के उपयोग को बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। ऑटोमोबाइल कंपनियां पिछले कुछ वर्षों से E20-अनुकूल (E20 Compatible) इंजन वाले नए वाहन बाजार में उतार रही हैं। हालांकि, पुराने वाहनों के लिए कंपनियों की सलाह अलग-अलग हो सकती है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार किसी वाहन के खराब होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें ईंधन की गुणवत्ता, टैंक में पहले से मौजूद नमी, ईंधन प्रणाली की तकनीकी खराबी या इंजन की अन्य समस्या शामिल हो सकती है। केवल एक घटना के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि E20 पेट्रोल ही खराबी का कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वाहन मालिक को ईंधन की गुणवत्ता पर संदेह हो तो संबंधित पेट्रोल पंप, तेल कंपनी और सक्षम विभाग से शिकायत कर ईंधन का परीक्षण कराया जाना चाहिए।
फिलहाल भिलाई का यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन जब तक ईंधन का वैज्ञानिक परीक्षण या संबंधित एजेंसियों की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक यह कहना उचित नहीं होगा कि बाइक खराब होने का कारण केवल E20 पेट्रोल था। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या ईंधन में थी, वाहन में तकनीकी खराबी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।