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रायपुर पेट्रोल पंप पर अजीब कारनामा! Diesel कार में भर दिया Petrol, उपभोक्ता फोरम ने लगाया 66 हजार का जुर्माना

Wrong Fuel Filling Case: रायपुर में डीजल कार में पेट्रोल डालने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने पेट्रोल पंप और IOCL पर 66 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। गलत फ्यूल से कार का इंजन खराब हुआ था।
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पेट्रोल-डीजल का दाम

Diesel Car Petrol Filled Case: छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। डीजल वाली कार में पेट्रोल डालने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पेट्रोल पंप संचालिका और इंडियन ऑयल कंपनी (IOCL) पर सख्त फैसला सुनाया है। आयोग ने दोनों पर 66 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही 45 दिनों के भीतर यह राशि कार मालिक को भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि गलत ईंधन डालने से वाहन का इंजन खराब हुआ, जिससे उपभोक्ता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उसका रोजगार भी प्रभावित हुआ।

Petrol Pump Negligence: गलत फ्यूल से खराब हुआ कार का इंजन

मामला रायपुर के अमलीडीह निवासी दीपांकर साहा से जुड़ा है। उन्होंने 29 सितंबर 2019 को सड्डू स्थित सांई कृपा फ्यूल्स में अपनी डीजल कार में 600 रुपये का डीजल डालने के लिए कहा था। आरोप है कि पेट्रोल पंप कर्मचारी ने गलती से कार में पेट्रोल डाल दिया। इसके बाद कार का इंजन खराब हो गया। दीपांकर ने मामले की शिकायत पेट्रोल पंप (Petrol Pump) संचालिका से की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।

शिकायत के बाद भी नहीं मिली सहायता

कार मालिक ने बताया कि गलत ईंधन डालने के कारण वाहन की मरम्मत में काफी खर्च आया। इसके अलावा कार ही उसकी रोजी-रोटी का जरिया थी, जिससे काम प्रभावित हुआ। पेट्रोल पंप संचालिका और कंपनी की ओर से सहयोग नहीं मिलने के बाद दीपांकर ने जिला उपभोक्ता फोरम में दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई।

पंप संचालिका ने आरोपों से किया इनकार

सुनवाई के दौरान पेट्रोल पंप संचालिका रीता मिश्रा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी दुकान पर संबंधित वाहन में कोई ईंधन नहीं डाला गया था और यह वाहन कभी पंप पर आया ही नहीं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी किसी ग्राहक की ऐसी शिकायत सामने नहीं आई है। वहीं इंडियन ऑयल कंपनी के प्रबंधक ने भी जिम्मेदारी लेने से इनकार करते हुए कहा कि पंप का संचालन डीलर द्वारा किया जाता है।

फोरम ने लापरवाही मानते हुए दिया आदेश

मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डाकेश्वर प्रसाद शर्मा, सदस्य निरूपमा प्रधान और अनिल कुमार अग्निहोत्री की पीठ ने माना कि गलत ईंधन डालना सेवा में कमी और लापरवाही का मामला है। आयोग ने पेट्रोल पंप संचालिका और IOCL को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए 66 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश जारी किया।

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