
Petrol Diesel: पेट्रोल-डीजल (photo-patrika)
Petrol Diesel Crisis: छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव नगर में ईंधन संकट दूसरे दिन भी जारी है। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म होने से वे बंद पड़े हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। फिलहाल शहर में केवल एक फ्यूल प्वाइंट पर ईंधन उपलब्ध है, जहां सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती की है। लगातार बढ़ती भीड़ और सीमित आपूर्ति के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, कोण्डागांव में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के पांच, इंडियन ऑयल के दो और भारत पेट्रोलियम का एक फ्यूल रिफिल प्वाइंट संचालित है। इनमें से अधिकांश पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है, जिसके कारण संचालन ठप हो गया है। बस स्टैंड के पास स्थित ज्योति पेट्रोल पंप में गुरुवार सुबह टैंकर से ईंधन की आपूर्ति की गई थी, लेकिन कुछ ही घंटों में भारी भीड़ के कारण पूरा स्टॉक समाप्त हो गया। अगली आपूर्ति कब होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
नारंगी नदी के पास स्थित दिनेश इंडियन ऑयल फ्यूल प्वाइंट पर फिलहाल पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। संचालक दिनेश जैन के अनुसार, उपभोक्ताओं को लगातार ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। भीड़ और अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने फ्यूल प्वाइंट पर पुलिस जवानों की तैनाती की है। साथ ही डिब्बों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी गई है।
शासन के निर्देशों के अनुसार ईंधन वितरण में सीमा तय की गई है। इसके तहत दोपहिया वाहनों को अधिकतम 200 रुपये, चारपहिया वाहनों को 1000 रुपये तथा बड़े वाहनों को आवश्यक स्थिति में 2000 रुपये तक का ईंधन प्रदान किया जा रहा है।
ईंधन संकट का सीधा असर आम नागरिकों, किसानों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कमी के कारण लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़े रहकर ईंधन लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
अब शहरवासियों की नजर ईंधन की नई खेप और अन्य पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति बहाल होने पर टिकी हुई है, ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके। लगातार बने हुए इस संकट के बीच लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही सभी बंद पड़े पेट्रोल पंपों पर ईंधन की नियमित आपूर्ति शुरू होगी।
आपूर्ति बहाल होने से न सिर्फ लंबी कतारों से राहत मिलेगी, बल्कि आम जनजीवन, किसानों की खेती-किसानी और परिवहन व्यवस्था भी फिर से सामान्य हो पाएगी। फिलहाल स्थिति पर सभी की नजर प्रशासन और तेल कंपनियों की अगली सप्लाई पर टिकी हुई है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।
Updated on:
12 Jun 2026, 6:35 PM IST
Published on:
12 Jun 2026, 6:34 PM IST
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