भिलाई

भिलाई स्टील प्लांट में फिर हादसा, रेल मिल में काम के दौरान कर्मचारी की करंट से मौत

Bhilai News: रेल मिल में काम के दौरान एक नियमित कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में करंट लगने की आशंका जताई जा रही है।
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Updated: 12 Jul 2026, 9:37 PM IST
Industrial Accident
भिलाई स्टील प्लांट (Photo Patrika)

Industrial Accident: भिलाई स्टील प्लांट में शनिवार को एक नियमित कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कर्मचारी की मौत करंट लगने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारी प्लांट के यूनिवर्सल रेल मिल में ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। सहकर्मियों ने तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ड्यूटी के दौरान लगी करंट

जानकारी के अनुसार, कर्मचारी रेल मिल में अपनी नियमित ड्यूटी के दौरान कार्य कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

कर्मचारियों में नाराजगी

हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों में चूक या किसी अन्य कारण से हुई। हादसे के बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि भारी मशीनों और विद्युत उपकरणों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है।

रोजगार देने की मांग

श्रमिक संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा मृतक कर्मचारी के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की है। गौरतलब है कि भिलाई स्टील प्लांट में इससे पहले भी कई बड़े औद्योगिक हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है।

पहले भी हो चुके कई हादसे

ऐसे में एक बार फिर हुई इस दुर्घटना ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सुरक्षा ऑडिट, उपकरणों की समय-समय पर जांच और कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण देकर ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

Updated on:
12 Jul 2026, 9:37 PM IST
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