CG News: सत्र में विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाया गया था। ग्रामर का हिस्सा सामान्य रहा, लेकिन ‘लेसन’ आधारित प्रश्न पूरी तरह अप्रासंगिक पाए गए।
CG News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की बीकॉम फाइनल ईयर अंग्रेजी परीक्षा में गंभीर गड़बड़ी सामने आने के बाद छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। परीक्षा में वितरित प्रश्नपत्र आउट ऑफ सिलेबस पाया गया, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। मामले ने तूल पकड़ते ही सोमवार को छात्र संगठनों ने विवि पहुंचकर जमकर हंगामा किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
28 मार्च को दोपहर एक से चार बजे की पाली में आयोजित परीक्षा में छात्रों को जो प्रश्नपत्र दिया गया, उसमें लगभग 50 प्रतिशत प्रश्न पुराने सिलेबस से पूछे गए थे। जबकि वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाया गया था। ग्रामर का हिस्सा सामान्य रहा, लेकिन ‘लेसन’ आधारित प्रश्न पूरी तरह अप्रासंगिक पाए गए। विषय विशेषज्ञों के अनुसार, प्रश्नपत्र में शामिल कई प्रश्न पुराने और लगभग दो दशक पुराने पाठ्यक्रम से लिए गए थे। यह पेपर सेटिंग कमेटी की गंभीर लापरवाही मानी जा रही है, जिसका सीधा असर छात्रों पर पड़ा है।
दुर्ग संभाग के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में करीब सात हजार छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें अकेले दुर्ग जिले के लगभग चार हजार विद्यार्थी थे। परीक्षा के दौरान ही छात्रों ने प्रश्नपत्र की खामियों पर आपत्ति जताई, जिससे परीक्षा प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
कुलपति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित कर दी है और बोर्ड ऑफ स्टडी सहित संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। संभावना जताई जा रही है कि अंग्रेजी का पेपर निरस्त कर पुन: परीक्षा कराई जा सकती है। इस पर अंतिम निर्णय बुधवार तक लिया जाएगा।
स्तिथि स्पष्ट होने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कोई ठोस समाधान नहीं किया और छात्रों को उसी प्रश्नपत्र को हल करने के निर्देश दिए। विवि की ओर से यह कहा गया कि केवल एक यूनिट में गड़बड़ी है, जबकि छात्रों का दावा है कि आधे से अधिक प्रश्न सिलेबस से बाहर थे।
इस मुद्दे पर खास बात यह रही कि आमतौर पर एक-दूसरे के विरोधी माने जाने वाले छात्र संगठन—अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI)—एकजुट होकर छात्रों के समर्थन में उतर आए। दोनों संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर हल्लाबोल किया।
बी.कॉम फाइनल की छात्रा दीप्ति पाण्डे ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “हमने पूरे साल जो पढ़ाई की, उसका इस पेपर में कोई फायदा नहीं मिला। पांचों यूनिट में एक भी सवाल सिलेबस से नहीं था। यह हमारे भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। हम यूनिवर्सिटी से मांग करते हैं कि इस पेपर के लिए बोनस अंक दिए जाएं।”