
Bhilai News: स्मृति नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कोहका में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। युवक मोहन कुमार रामटेके का शव उसके किराए के घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला, लेकिन मौके से बरामद सुसाइड नोट और शरीर पर मिले चोट के निशानों ने इस मामले को उलझा दिया है। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने एक महिला और पुरुष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नोट के अनुसार, आरोपी खुद को कांग्रेस नेता बताते थे और पुलिस में अपनी ऊंची पहुंच का दावा कर मोहन को सट्टा संचालन के नाम पर ब्लैकमेल कर रहे थे। आरोपियों ने युवक से एक लाख रुपए की मांग की थी और राशि न देने पर उसे झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी थी।
सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस सुसाइड नोट में नामित व्यक्तियों और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक के भाई ने मोहन के सिर और नाक पर चोट के निशान देखे। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि यदि यह आत्महत्या है, तो शरीर पर चोट के निशान कैसे आए। उन्होंने मामले को सोची-समझी हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दरअसल, मोहन रामटेक (42) पिछले करीब 3 महीने से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। पेंटिंग का काम करता था। शनिवार (28 मार्च) को उसकी मां का भिलाई के एक अस्पताल में ऑपरेशन होना था। जिस कारण परिवार के सभी लोग रात से अस्पताल में थे। घर पर कोई मौजूद नहीं था। मोहन अकेले था।
जब 28 मार्च की सुबह पत्नी घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने मकान मालिक को जानकारी दी। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह दरवाजा खोला गया, तो अंदर मोहन की लाश पड़ी थी। मकान मालिक ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
सुसाइड नोट में लिखा है कि, मैं मोहन रामटेके अपने होसों हवास में यह बात लिख रहा हूं कि राजू पाल और सोनिया गोस्वामी सट्टा चलाते हैं। वो मुझे धमकी दे रहे हैं कि एक लाख रुपए दो नहीं तो पुलिस में फंसा देंगे और जेल भिजवा देंगे। मेरी पत्नी का ऑपरेशन होना था, तो मैं राजू पाल को बोला कि भैया मुझे मदद चाहिए।
उसने मुझे कहा कि, मैं क्या बोलूं सट्टा लगा, एक नंबर दे रहा हूं। वो नंबर सोनिया गोस्वामी का था। अब वो मुझे ब्लैकमेल कर रहे हैं कि, मैं उन्हें एक लाख दूं जो कि मैं नहीं दे पाउंगा। इसलिए पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि मेरी मौत को नजर अंदाज न करें, क्योंकि राजू बोलता है कि पुलिस मेरी जेब में है, क्योंकि हम कांग्रेस के नेता हैं।
मेरा पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि, राजू पाल और सोनिया गोस्वामी जैसे लोगों को सजा दी जाए, जो आम आदमी को अपने झांसे में फंसाकर अपना फायदा उठाते हैं। आपसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि बिना किसी दवाब के कोई भी पुलिसकर्मी फैसला न लें। पहले अपने घर जाकर अपने परिवार को देखें कि यह घटना उसके साथ हो तो क्या होगा।
Published on:
29 Mar 2026 07:39 am
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