दुर्ग-दल्लीराजहरा रेलवे लाइन के मरोदा समपार फाटक रविवार की रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहेगा। इस दौरान दुर्ग से उतई मार्ग पर वाहनों की आवागमन बंद रहेगी।
भिलाई. दुर्ग-दल्लीराजहरा रेलवे लाइन के मरोदा समपार फाटक रविवार की रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहेगा। इस दौरान दुर्ग से उतई मार्ग पर वाहनों की आवागमन बंद रहेगी। रेलवे ने मरोदा ओवर ब्रिज के रेलवे पोर्शन में स्टील के गर्डर लॉन्चिंग के लिए चार घंटे का मेगा ब्लॉक लिया है। गर्डर लॉन्चिंग के दौरान बीएसपी से दल्लीराजहरा के बीच चलने वाली गुड्स ट्रेनों की आवाजाही बंद रहेगी।
ओएचई लाइन, रेलवे पटरी और स्लीपर को हटाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी
शनिवार को सेतु संभाग विभाग के मुख्य अधीक्षण अभियंता जीपी पवार और राइट्स के इंजीनियर्स ने मरोदा ब्रिज का निरीक्षण किया। रेलवे के इंजीनियर्स से गर्डर लॉन्चिंग की तैयारी की जानकारी ली। राइट्स के इंजीनियर्स ने बताया कि दुर्ग-दल्लीराजहरा रेलवे लाइन डोमेस्टिक है। इस वजह से ओएचई लाइन, रेलवे पटरी और स्लीपर को हटाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। उनका कहना था कि फाटक बंद करने के बाद 50-60 कर्मचारियों की टीम एक साथ करेगी। सबसे पहले ओएचई लाइन हटाई जाएगी।
अगर आप रात १० बजे के बाद इस रास्ते से आ-जा रहे हैं तो...
बेहतर तो यही होगा कि आप अपने समय का प्रबंधन इस तरह करें कि रात १० बजे बाद इस रास्ते से गुजरने की नौबत न आए। फिर भी अगर गुजरना ही पड़े तो
1. दुर्ग से उतई, पाटन की ओर जाने वाले बोरसी से धनोरा, पुरई उतई होकर जा सकते हैं।
2. भिलाई से जा रहे हैं तो रिसाली बस्ती से धनोरा, पुरई होकर जा सकते हैं।
3. नेवई और मरोदा बस्ती जाने धनोरा से उमरपोर्टी होकर आ-जा सकते हैं।
4. उतई की ओर से आने वाले उमरपोटी, धनोरा से रिसाली होते हुए भिलाई या सीधे दुर्ग की ओर जा सकते हैं।
सोमवार को भी बंद रहेगा फाटक
सोमवार को भी रात १० बजे फाटक को बंद कर दिया जाएगा। सुबह ५ बजे के बाद फाटक को खोला जाएगा। इस तरह से छोटे-छोटे ब्लॉक लेकर रेलवे पोर्शन के कार्य को पूरा किया जाएगा। रेलवे के कर्मचारियों का कहना है कि लोगों की सुविधा के अनुसार संबंधित विभाग अपना काम पूरा करने के लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेता है। रेलवे के सभी विभाग मिलकर अपनी जरूरतों की पहचान करके एक साथ काम करते हैं। ताकि समय का सदुपयोग हो सके।
37.5 मीटर लंबा कम्पोजिट गर्डर
३७.५ मीटर लंबा और लगभग साढ़े चार फीट ऊंचा स्टील के कम्पोजिट गर्डर को पिल् लर पर शिफ्ट किया जाएगा। रेलवे पोर्शन में ३७.५ मीटर लंबा तीन स्पॉन है। इसे दो पिल्लर के बीच रखा जाएगा। फिर प्री स्टेज कांक्रीट के बाक्स को रखा जाएगा।
नागपुर से मंगाई हाइड्रोलिक क्रेन
स्टील के कम्पोजिट गर्डर और प्री स्टेज कांक्रीट (पीएससी) बाक्स को ऊपर शिफ्ट करने के लिए नागपुर से दो हाईड्रोलिक के्रन मंगाई गई है। पीएससी बॉक्स और स्टील के कम्पोजिट गर्डर भारी वजनी है। इसे पिल्लर पर रखने के लिए लगभग ६.५ मीटर ऊपर ऊठाना पड़ेगा।
पीएससी बॉक्स को सेट होने में लगेगा 45 दिन
गर्डर लॉन्चिंग के बाद रेलवे पोर्शन के कार्य को पूरा करने में ४५ दिन लगेगा। रेलवे पोर्शन में तीन स्पॉन है। एक स्पॉन में स्टील के गर्डर पर कांक्रीट के पीसीसी बॉक्स को सेट करने में कम से कम १५ दिन का समय लगेगा। इस तरह से तीन स्पान में 45 दिन लगेगा।