
Bhilai BSP Lease Action: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन की लीज से जुड़ी कार्रवाई को लेकर लीजधारकों और प्रबंधन के बीच असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। लीजधारकों के अधिकारों और भविष्य में संभावित कार्रवाई को लेकर रविवार को सेक्टर-6, सड़क नंबर 34 स्थित डोम शेड में नगर लीजधारक कल्याण एवं नागरिक विकास समिति की आपात बैठक हुई। बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित नागरिक और वरिष्ठ लीजधारक शामिल हुए।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने बीएसपी प्रबंधन की लीज संबंधी कार्रवाई और उसके तरीके को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। लीजधारकों का कहना था कि भिलाई में लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों के हितों और अधिकारों को ध्यान में रखे बिना किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के सामने आवास से जुड़ा संकट खड़ा करने से पहले उसके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति और लिखित आश्वासन होना जरूरी है।
बैठक में समिति के अध्यक्ष प्रेमसागर ने लीजधारकों की मांगों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि अब तक लीजधारक अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित स्तर पर रखते आए हैं। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि वे अपने अधिकारों से समझौता करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए उचित और पूर्ण पुनर्वास की लिखित गारंटी उनकी प्रमुख मांग है। जब तक बीएसपी प्रबंधन की ओर से पुनर्वास को लेकर स्पष्ट और ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक किसी भी तरह की बेदखली या अन्य कार्रवाई को लेकर सहमति नहीं बन सकती।
समिति की ओर से यह भी कहा गया कि यदि किसी परिवार को वर्तमान स्थान से हटाने की स्थिति बनती है तो उसके लिए सम्मानजनक और व्यवहारिक वैकल्पिक व्यवस्था पहले सुनिश्चित की जानी चाहिए। केवल कार्रवाई करने के बजाय प्रभावित परिवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने की जरूरत है।
बैठक में लीजधारकों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी परिवार के खिलाफ जबरन या मनमाने तरीके से कार्रवाई की जाती है तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे। समिति अध्यक्ष प्रेमसागर ने कहा कि लीजधारक अपने विधिक अधिकारों के संरक्षण के लिए हर संभव लोकतांत्रिक और कानूनी माध्यम का इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने बीएसपी प्रबंधन से लीजधारकों के साथ सीधे संवाद करने की मांग की। उनका कहना था कि विवाद को टकराव की स्थिति में ले जाने के बजाय खुले मंच पर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास होना चाहिए। समिति की ओर से प्रबंधन के साथ सार्थक संवाद के जरिए ऐसा रास्ता तलाशने की मांग की गई, जिसमें प्रभावित परिवारों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
आपात बैठक में आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई। मौजूद लीजधारकों और वरिष्ठ नागरिकों ने समिति के नेतृत्व में आगे की कार्रवाई में सहयोग का समर्थन किया। बैठक में तय किया गया कि लीजधारकों की मांगों और आपत्तियों को औपचारिक रूप से जिला प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा।
समिति जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगी। इसमें लीजधारकों की समस्याओं, पुनर्वास की मांग और लीज से जुड़ी कार्रवाई को लेकर उनकी आपत्तियों को रखा जाएगा। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखेंगे।
बैठक में आनंद मार्कंडेय, अनिल राव, आलोक कुमार सिन्हा, सुदामा नायक, नलिन कुमार सेम्युअल, मोहम्मद जाहिर, मनोज कुमार पात्रेकर, मनोज जैन, अजय पात्रेकर, भीमा, प्रदीप राय और लीना अनिल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित नागरिक उपस्थित रहे।
लीजधारकों का कहना है कि आगे की कार्रवाई में उनके परिवारों के हितों और भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वहीं, समिति की ओर से पुनर्वास को लेकर लिखित आश्वासन को अपनी प्रमुख मांग बताते हुए प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन के समक्ष मुद्दा उठाने की तैयारी की जा रही है।