Bhilai News: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के एसएमएस-2 में पाइप शिफ्टिंग कार्य के दौरान आगजनी से ठेका श्रमिक की मौत के मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या की लापरवाही से जुड़ी धारा 304-ए को हटाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 304 लागू करने का आदेश दिया है। इसके […]
Bhilai News: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के एसएमएस-2 में पाइप शिफ्टिंग कार्य के दौरान आगजनी से ठेका श्रमिक की मौत के मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या की लापरवाही से जुड़ी धारा 304-ए को हटाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 304 लागू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही प्रकरण को सत्र न्यायालय भेज दिया गया है।
प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) रविकुमार महोबिया ने आदेश पारित करते हुए कहा कि मामले में अभियुक्तों के खिलाफ धारा 304 के तहत विचारण के पर्याप्त आधार हैं। सभी अभियुक्तों को 2 फरवरी को सत्र न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
धारा 304 के तहत जिनके खिलाफ मुकदमा चलेगा, उनमें बीएसपी के कारखाना प्रबंधक सुशांत कुमार घोषाल, एसएमएस-2 के महाप्रबंधक (सेफ्टी) गौरव सिंघल, सेफ्टी इंचार्ज (यांत्रिकी) धीरेंद्र कुमार कुशवाहा, और मारुति कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार अभय कुमार बरतलवार शामिल हैं।
25 अप्रैल 2023 को दोपहर करीब 3.15 बजे बीएसपी के एसएमएस-2 स्थित कंटीन्यूअस कास्टिंग नंबर-6 में पाइप शिफ्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान पास में चल रहे वेल्डिंग कार्य की चिंगारी ठेका श्रमिक रणजीत सिंह के जूते में गिर गई। ऑक्सीजन सप्लाई उसी क्षेत्र में होने से आग तेजी से फैली और रणजीत सिंह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 9 मई 202३ को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में सुपरवाइजर अमित कुमार भी गंभीर रूप से झुलस गए थे।