9 बीएसपी कर्मियों की मौत गैस पाइप लाइन फटने से हो गई है। जिसमें से सभी 9 की मौत की आधिकारिक पुष्टि प्रबंधन ने की है। वहीं 14 झुलसे हुए कर्मियों का उपचार चल रहा है।मरने वालों में चार फायर बिग्रेड के जवान भी है।
भिलाई. एशिया के सबसे बड़े स्टील प्लांट में हुए भयानक हादसे में मरने वाले कर्मियों की संख्या बढ़ती जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार अब तक 9 बीएसपी कर्मियों की मौत गैस पाइप लाइन फटने से हो गई है। जिसमें से सभी 9 की मौत की आधिकारिक पुष्टि प्रबंधन ने की है। वहीं 14 झुलसे हुए कर्मियों का उपचार चल रहा है।मरने वालों में चार फायर बिग्रेड के जवान भी है।
कोक ओवन बैटरी नंबर 11 के सीडीसीपी में गैस पाइप लाइन में जबर्दस्त विस्फोट
मंगलवार सुबह भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन बैटरी नंबर 11 के सीडीसीपी में गैस पाइप लाइन में जबर्दस्त विस्फोट हो गया। गैस पाइप लाइन फटने से लगभग ३० कर्मी इसकी चपेट में आ गए। जिसमें झुलसे 14 कर्मियों का उपचार पं. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर 9 में चल रहा है। अस्पताल के बर्न यूनिट में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया है।
झुलसे इन कर्मियों का चल रहा उपचार
बर्न यूनिट में भर्ती घायल कर्मियों में पीके चौहान, दिनेश बोमानिया, छत्रपाल राणा, सुकांत, लोकेंद्र, रंंजीत कुमार, हेमंत कुर्रे, टीएन जयसवाल, सोहन लाल, जितेंद्र कुमार, सत्या विजय, राठौर, नरेंद्र और विमल शामिल हैं। जिनका उपचार सेक्टर 9 अस्पताल में चल रहा है।
इनकी हुई मौत
बीएसपी में मेंटनेंस के दौरान गैस पाइप लाइन फटने से मरने वालों में एनर्जी मैनेजमेंट के अकील अहमद, गणेश राव, उदय पांडेय और इंद्ररमन दुबे की फिलहाल पहचान हो पाई है। वहीं अन्य मृतक के नामों का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। इधर सूत्रों की माने तो मरने वालों की संख्या 13 से ज्यादा भी हो सकती है। इधर हादसे की सूचना मिलते ही नेताओं और जनप्रतिनिधियों का अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि सेक्टर 9 अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।पीडि़तों के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
सुरक्षा में बड़ी चूक, चार फायर बिग्रेड के कर्मियों ने भी गंवाई जान
उत्पादन के नए-नए पैमाने गढऩे वाले भिलाई स्टील प्लांट में मंगलवार को हुए दूसरे सबसे बड़े हादसे की वजह सुरक्षा में बड़ी चूक बताई जा रही है। प्लांट में काम करने वाले कर्मियों ने बताया कि लंबे समय से मरम्मत के दौरान सुरक्षा के तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था जिसका आज भयानक रूप देखने मिला है। इधर हादसे में आग बुझाने पहुंचे फायर बिग्रेड के चार कर्मियों के मौत की खबर भी सामने आ रही है।