
भिलाई . भिलाई इस्पात संयंत्र का ब्लास्ट फर्नेस-8 (महामाया) ४६ दिन बाद फिर लय में लौटा है। जुलाई २०१८ के आखिरी सप्ताह में ५०११ टन हॉट मेटल का उत्पादन किया है। अप्रैल व मई २०१८ में यह फर्नेस ४५०० से ५००० टन हॉट मेटल का प्रतिदिन उत्पादन कर रहा था। ८ जून २०१८ के बाद इसमें तकनीकी दिक्कत आ गई थी, जिसके बाद ही उत्पादन का ग्राफ तेजी से गिरा था।
बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस-8 ने 2 फरवरी, 2018 से कार्य करना शुरू किया। ४ फरवरी को पहला हॉट मेटल प्राप्त हुआ। ब्लास्ट फर्नेस-8 अब तक 5 लाख 48 हजार 721 टन हॉट मेटल का उत्पादन कर चुका है। संयंत्र की 7.0 मिलियन टन आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण की परियोजनाओं में शामिल एक मुख्य इकाई के रूप में यह फर्नेस काम कर रहा है। छोटी सी समस्या के कारण उत्पादन में कमी आई थी, जिसे दुरुस्त कर दिया गया है।
एशिया के सबसे बड़ा फर्नेस
बीएसपी में विस्तार योजना के तहत ब्लास्ट फर्नेस-8 को १२ सौ करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया है। यह एशिया के सबसे बड़े फर्नेस में से एक है। प्रबंधन दो ब्लास्ट फर्नेस को डिस्मेंटल करने की तैयारी में है। इसमें से ब्लास्ट फर्नेस-2 को डिसमेंटल किया जा चुका है। एक और ब्लास्ट फर्नेस डिसमेंटल किया जाएगा।
टाटा और आरआइएनएल ने किया तैयार
ब्लास्ट फर्नेस में लगने वाले ट्यूअर्स को सेल, बीएसपी ने टाटा स्टील और आरआईएनएल से लिए हैं। नए ट्यूअर्स को बदला गया है। प्रबंधन की उम्मीद के मुताबिक ब्लास्ट फर्नेस-8 का उत्पादन फिर ५ से हजार टन प्रतिदिन होने लगा है।
ब्लास्ट फर्नेस-8 हो रहा था चोक
मरम्मत के बाद भी ब्लास्ट फर्नेस-8 में चोक होने की शिकायत बार-बार आ रही थी। इसके पीछे वजह ऑस्ट्रेलियन कोक के साथ मिलाए जाने वाले स्थानीय कोल, देशी आयरन ओर को माना जा रहा है। दल्ली राजहरा से आने वाले आयरन ओर के साथ-साथ नंदिनी से आने वाले लाइम स्टोन में भी मिट्टी अधिक होने की बात कही जा रही है। आयरन ओर में आयरन की मात्रा ६५ से घटकर ४५ के आसपास पहुंच चुकी है।
मेटल और स्लैग मिलकर निकले
ब्लास्ट फर्नेस-8 के चोक होने की एक वजह लेडल का समय पर नहीं मिलना भी है। टीएण्डडी विभाग के सामने दिक्कत यह आ रही थी, कि फर्नेस से स्लैग व मेटल अलग-अलग की जगह मिलकर निकल रहा था। इसे डालने पर लेडल जाम हो जा रहा था, उसे हेमर से निकालना पड़ता था। इस वजह से लेडल नियमित देने में भी दिक्कत आ रही थी। वह दिक्कत अब दूर हो रही है।
हॉट मेटल का उत्पादन पहुंचा 10 हजार टन
भिलाई इस्पात संयंत्र में लंबे अंतराल के बाद हॉट मेटल का उत्पादन बढ़कर १० हजार टन पार किया है। दो सप्ताह तक उत्पादन ८ से ९ हजार टन के आसपास ही रहा। अब उत्पादन धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। उच्च प्रबंधन ने इसके लिए अफसरों की तीनों शिफ्ट में ड्यूटी लगाई है।
उत्पादन के साथ बढ़ा कार्मिकों में उत्साह
ब्लास्ट फर्नेस-8 फिर से उत्पादन में पुराने रिकार्ड को तोडऩे की दिशा में बढ़ रहा है। इससे कर्मियों में खासा उत्साह है। तकनीकी खामियां आने के बाद यहां के कार्मिकों को गलत माना जा रहा था, लेकिन उत्पादन के नए रिकॉर्ड ने एेसा सोचने वालों को खुद ही जवाब दे दिया। कार्मिक चाहते हैं कि ब्लास्ट फर्नेस-8 से प्रबंधन २४ घंटे क्षमता के मुताबिक उत्पादन लेना शुरू करे।