भिलाई

Video: छत्तीसगढ़ IG रहे चाहर को BSF में मिली बड़ी जिम्मेदारी, ADG बन तैयार करेंगे देश के लिए जांबाज योद्धा

तीन साल तक छत्तीसगढ़ IG रहे एसएस चाहर को सीमा सुरक्षा बल BSF में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब वे अतिरिक्त महानिदेशक(ASG BSF) के रूप में देश के लिए नए योद्धा तैयार करेंगे।

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Jun 04, 2019
Video: छत्तीसगढ़ IG रहे चाहर को BSF में मिली बड़ी जिम्मेदारी, ADG बन तैयार करेंगे देश के नए लिए योद्ध

भिलाई. तीन साल तक छत्तीसगढ़ IG रहे एसएस चाहर को सीमा सुरक्षा बल BSF में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब वे अतिरिक्त महानिदेशक(ASG BSF) के रूप में देश के लिए नए योद्धा तैयार करेंगे। उन्हें ग्वालियर के टेकनपुर में प्रतिष्ठित बीएसएफ अकादमी का प्रमुख बनाया गया है। टेकनपुर में बीएसएफ का ऑफिसर ट्रेनिंग सेंटर है। जहां जांबाज अधिकारियों को सीमा पर दुश्मनों और हर मुश्किल हालात से लडऩे के लिए तैयार किया जाता है। चाहर ने वर्ष 2013 से 2015 तक छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे पर BSF आईजी के रूप में सेवाएं दी थी। घोर माओवाद प्रभावित कांकेर जिले में माओवादियों से लोहा लेते हुए रावघाट परियोजना को फिर से शुरु करवाने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई थी। छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे पर उनका स्वर्णिम कार्यकाल रहा।

1983 में किया था बीएसएफ ज्वाइन
एडीजी चाहर ने वर्ष 1983 में सहायक कमांडेंट सीधी भर्ती प्रक्रिया में BSF ज्वाइन किया था। बीएसएफ के सभी फ्रंटियर्स पर देश की सेवा करते हुए एक बेदाग रिकॉर्ड हासिल किया। नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ के महानिरीक्षक के रूप में कार्य किया।

संभाला था छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चा
छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर माओवादियों से पहली बार लडऩे उतरी सीमा सुरक्षा बल के जवानों का एडीजी चाहर ने तीन साल तक बखूबी नेतृत्व किया। एंटी नक्सल ऑपरेशन के अलावा आईजी एसटीसी कश्मीर में कार्य किया। एडीजी बनने से पहले कश्मीर आईजी के रूप में आतंकवादियों को धूल चटाया। गैलेंट वेल्लोर के लिए उन्हें सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार, विश्व सेवा पदक (वीएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही पुलिस पदक और विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी वे सम्मानित हो चुके हैं।

Published on:
04 Jun 2019 05:16 pm
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