
मोहम्मद जावेद@भिलाई. कुछ कर गुजरने का जुनून जहां होता है, वहां जिंदगी रहती है खुदा होता है। जुस्त-जू हो तो सफर खत्म कहां होता है, यूं तो हर मोड़ पे मंजिल का गुमा होता हैं। ये चंद शब्द दुर्ग की बेटी मेघा अग्रवाल के लिए जिसने सीबीएसई १२वीं के नतीजों में श्रेष्ठ 95.6 फीसदी अंक हासिल किए हैं। मेघा के पिता प्रकाशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि उनकी बिटिया शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है। बेटी की इस कामयाबी से भावुक पिता ने बताया कि बचपन से ही मेघा पढ़ाई को लिए बेहद गंभीर है।
नर्सरी से लेकर १२वीं तक की पढ़ाई में उसने यह सिस्टम नहीं बदला। स्कूल से घर लौटने के बाद जब सारे बच्चे खाने और मस्ती की तैयारी करते तब मेघा पहले अपने होमवर्क को प्राथमिकता देती। खाना खाने से पहले वह सारा स्कूल काम निपटाया करती। माता-पिता उसकी इस लगन को देखकर फूले नहीं समाते।
आज उनकी इस होनहार बेटी ने उनका मान बढ़ा दिया है। बता दें कि पत्रिका सबसे पहले अपने पाठकों तक सीबीएसई 12 वीं के नतीजे पहुंचा रहा है। मेघा ने अपनी १२वीं की पढ़ाई डीपीएस दुर्ग से पूरी की है। मूल रूप से शक्ति जिला की रहने वाली मेघा दुर्ग डीपीएस में हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थीं। वह कॉमर्स+मैथ्स विषय की छात्रा हैं।
सपना है कलेक्टर बनना, ओपी चौधरी आइडल
मेघा का सपना कलेक्टर बनने का है। वह बचपन से ही इस दिशा में आगे बढ़ रही है। मेघा ने बताया कि उन्होंने सीए के बाद आईएसएस की परीक्षा देने की सोची है। फिलहाल यह होनहार रायपुर के एक संस्थान से सीपीटी की तैयारी करने में व्यस्त है। उनके पिता प्रकाश अग्रवाल एक बिजनेसमैन है। मेघा का कहना है कि उनके आइडल रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी हैं। वह बचपन से ही कलेक्टर चौधरी की मिसालें सुनते आ रही हैं। यही वह किरदार है, जिसने उन्हें बेहद प्रभावित किया है।
पत्रिका दे रहा सबसे पहले जानकारी
सीबीएसई १२ वीं में टॉपर्स की स्थिति शाम तक पूरी तरह से क्लीयर हो जाएगी। इस परीक्षा में हमेशा से ही अपने शहर के होनहारों का दबदबा रहा है। इस साल भी ऐसा ही होगा। शहर की स्कूलों ने रिजल्ट का एनालिसिस शुरू कर दिया है। एक घंटे के भीतर पास छात्रों का पूरा विवरण हाजिर होगा। पत्रिका हर एक छात्र की जानकारी आप तक पहुंचाएगा।