छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं सोमवार को शुरू हो गई।
भिलाई. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं सोमवार को शुरू हो गई। यह पहली मर्तबा है जब दोनों बोर्ड की परीक्षाएं एक ही तिथि से शुरू हो रही है। सीजी बोर्ड में दसवीं कक्षा का पहला पर्चा गणित का है, जिसमें जिले के 121 परीक्षा केंद्रों में 21,391 विद्यार्थी शामिल हुए। सुबह से जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में समय से पूर्व विद्यार्थी जुटे।
पहले से जारी गाइड लाइन का पालन करते हुए जूते-मोजे भी हॉल के बाहर निकालकर कक्षा में प्रवेश किया। कई जगहों पर स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों को मोटिवेट भी करते दिखे। बारहवीं की परीक्षा ७ मार्च से शुरू होगी। बारहवीं का पहला पेपर पर्यावरण का होगा। सीबीएसई के दसवीं और बारहवीं बोर्ड को मिलाकर शहर के एक दर्जन परीक्षा केन्द्रों में १३ हजार विद्यार्थी शामिल होंगे।
सीबीएसई ने नकल पर अंकुश लगाने के लिहाज से नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। प्राचार्यों से मिली जानकारी के मुताबिक यदि कोई विद्यार्थी नकल करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों के तहत छात्र अगले तीन साल तक एग्जाम नहीं दे पाएगा। कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गजेट या किसी भी तरह की कम्युनिकेशन डिवाइस ले जाना भी सख्त मना है।
सीबीएसई के परीक्षा केंद्र
शंकराचार्य विद्यालय हुड़को, डीएवी, केपीएस नेहरू व सुंदर नगर, डीपीएस दुर्ग , से-१० बीएसपी सीनियर सेकंडरी स्कूल, शंकरा विद्यालय-१०, सेक्टर-४ बीएसपी स्कूल।
निकाल दें परीक्षा का भय
विद्यार्थी सबसे पहले परीक्षा का भय अपने दिलो-दिमाग से निकाल दें। जहां भी परेशानी हो शिक्षक या दोस्तों से चर्चा कर उसका समाधान खोजें। प्रत्येक विषय के लिए समय निर्धारित कर लें। कठिन लगने वाले विषयों को बार-बार रिवीजन करें। इस बार बोर्ड की परीक्षा में नए नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत परीक्षार्थी जूते पहनकर केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं कर पाए। उन्हें जूते और मोजे निकालने होंगे। यही नहीं केंद्र में परीक्षार्थी अपने कपड़े के अस्तीन को भी मोड़कर नहीं रख सकते। यह सब माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नकल प्रकरण पर रोक लगाने के लिए किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष चावरे ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल विद्यार्थियों की संख्या घटी है। सबसे अधिक परीक्षा केंद्र दुर्ग विकासखंड में है, जबकि पाटन और धमधा में २८-२८ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने उडऩ दस्ते का गठन किया है। सभी केंद्रों में परीक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था रखी गई है। इस साल तीन पुराने परीक्षा केंद्रों को बंद कर १० नए केंद्र बनाए हैं।
काउंसलर करेंगे हेल्प
बोर्ड परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को सुविधा देने के लिहाज से माशिमं ने हेल्प लाइन नंबर १८००-२३३-४३६३ जारी कर दिया है। सुबह से शाम तक माशिमं में नामी काउंसलर विद्यार्थियों की परेशानी सुलझाने और उन्हें मार्गदर्शन देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। काउंसलर से परीक्षा के तनाव को दूर करने से लेकर विषयवार पढ़ाई का तरीका भी समझा जा सकता है। समय ध्यान में रखने वाली बातें भी काउंसलर साझा करेंगे।
ये छोटी-छोटी गलतियां से बचे
@ परीक्षा में जल्दबाजी के चक्कर में प्रश्नों के क्रमांक गलत डालना।
@ रनिंग टेक्स्ट लिखते जाना। कहीं भी हाईलाइट या सब हैड न देना।
@ कम अंक के प्रश्नों में ज्यादा लिखना और ज्यादा अंक वालों को कम शब्दों में लिखना।
@ पेपर को पूरी तरह से बिना पढ़े ही हल करना शुरू कर देना।
@ डाइग्राम बनाना लेकिन उसकी लेबलिंग नहीं करना।
@ गलत पेन का इस्तेमाल करना।
टिप्स - उत्तर को प्वाइंटर और सब-हैड में बांटकर जवाब लिखें।
@ पहले जवाब को शीर्षक, फिर एक्सप्लेनेशन और आखिर में कन्क्लूजन दें।
@ हर एक जवाब के बाद दो लाइन उसके नीचे खींच दें, इससे यह पता चल जाएगा कि उत्तर खत्म हो गया है।
@ अगर राइटिंग अच्छी नहीं है तो कोई बात नहीं लेकिन एेसा लिखें जिसे कॉपी चेक करने वाला पढ़ सके।
@ 10 से 15 मिनट पूरा पेपर आराम से पढ़ लें जिससे प्रश्नों के उत्तर देने की स्ट्रेटजी बनाई जा सके।