भिलाई

Chhattisgarh Election : कोई सिर तो कोई कंधे पर लादकर स्ट्रांग रूम ले गया मतदान सामग्री

विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद मंगलवार-बुधवार की देर रात तक पोलिंग पार्टियां कड़ी सुरक्षा में इवीएम लेकर शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज जुनवानी पहुंची। जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित काउंटर तक पहुंचने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था।
3 min read
Nov 21, 2018
#cgelection2018
छत्तीसगढ़ इलेक्शन : कोई सिर तो कोई कंधे पर लादकर स्ट्रांग रूम ले गया मतदान सामग्री

भिलाई@Patrika. विधानसभा चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान कराने के बाद मंगलवार-बुधवार की देर रात तक पोलिंग पार्टियां कड़ी सुरक्षा में इवीएम लेकर शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज जुनवानी पहुंची। यहां अव्यवस्था के कारण मतदान दल के कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कर्मियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। सभी रह-रहकर जिला प्रशासन को कोस रहे थे। बुजुर्ग और महिला पीठासीन पदाधिकारियों को इवीएम काउंटर तक पहुंचाने में पसीना छूट रहा था। कोई भी उनकी मदद करने वाला नहीं था।

इवीएम रखने के लिए स्ट्रांग रूम

शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज जुनवानी में इवीएम रखने के लिए स्ट्रांग रूम बनाया गया है। मतदान समाप्त होने के बाद रात लगभग ९ बजे से यहां पोलिंग पार्टियों का आना शुरू हो गया। ज्यों-ज्यों रात बढ़ती गई इवीएम जमा करने मतदान कर्मियों की भीड़ भी बढ़ती गई। जिला प्रशासन द्वारा यहां भीड़ को नियंत्रित करने और करने मतदान दल को सुगमता से अपने निर्धारित काउंटर तक पहुंचने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था।

हजारों की भीड़ के लिए पांच फीट संकरा रास्ता

शंकराचार्य कॉलेज के पीछे के गेट का आधा हिस्सा ही खोला गया था जिसके कारण मतदान कर्मियों को अपनी पूरी सामग्री के साथ भीतर घुस पाना भी मुश्किल हो रहा था। गेट के तुरंत बाद अहिवारा विधानसभा का काउंटर बना दिया गया था। यहां की पोलिंग पार्टिंयां मतपेटी जमा करने कतार लगाकर खड़ी होती गर्इं और आगे का रास्ता ब्लॉक हो गया। बमुश्किल चार-पांच फीट संकरा रास्ता से होकर पोलिंग पार्टियों को दो-दो, तीन-तीन बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट मशीन, वोटिंग कंपार्टमेंट, प्रपत्र वाले बोरीनुमा बैग और मतदान सामग्रियों का कार्टून लेकर चलने में भारी परेशानी हो रही थी। कोई सिर तो कोई कांधे पर लादकर सामग्री ले जा रहे थे।

भीड़ में लोग चीख रहे थे मगर अधिकारियों पर कोई असर नहीं
दुर्ग शहर और वैशाली नगर की पोलिंग पार्टियों को प्रवेश द्वार से अपने काउंटर तक पहुंचने सौ-डेढ़ सौ मीटर का फासला तय करने में आधा- पौन घंटे का समय लग रहा था। यहां भीड़ के कारण पांव धरने तक की जगह नहीं थी। पूरी भीड़ धीरे-धीरे रेंग रही थी। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत उन दलों को हो रही थी जिनमें सिर्फ महिला कर्मी थे। ऐसे में कई लोग थक-हारकर बैठ गए। भीड़ में लोग चीख चिल्ला रहे थे, लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार लोगोंं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

चार घंटे में दे रहे थे ओके रिपोर्ट
मतदान कर्मी किसी तरह काउंटर स्थल पर पहुंच गए तो वहां इवीएम जमा करने के लिए अफरातफरी मची रही। कई पोलिंग पार्टियां घंटों अपने अधूरे प्रपत्र को सुधारने में जुटे रहे। जिनका प्रपत्र पूरा था वे काउंटर पर काफी देर तक खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पूरी सामग्री जमा करने के बाद ओक रिपोर्ट देने में तीन-तीन, चार-चार घंटे लगा दिए। यहां काउंटर इतना संकरा बनाया गया था कि पूरी सामग्री लिए खड़े लोग हिल भी नहीं पा रहे थे।

न पेयजल की सुविधा न प्रसाधन की
यहां न तो शुद्ध पेयजल कोई व्यवस्था की गई थी और न ही प्रसाधन की। इससे महिला कर्मियों को भारी परेशानी हुई। एक वाटर कूलर था में बूंद-बंूद पानी निकल रहा था। प्रसाधन कक्षों तक में पानी नहीं था। इसके कारण महिला कर्मियों को अमर्यादित परिस्थियों का सामना करते हुए बाहर ख्ुाले मैदान में जाना पड़ा। मेडिकल टीम का भी कोई अता-पता नहीं था। परेशान कर्मी किसे अपनी परेशानी बताएं समझ ही नहीं पा रहे थे।

Published on:
21 Nov 2018 09:57 pm