20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Census 2026: जनगणना के लिए नई गाइडलाइन जारी, गलत जानकारी देने पर होगी जेल, मकानों से नंबर मिटाने पर भी होगी कार्रवाई

Census Survey News: मकानों पर लगाए गए नंबर या पहचान चिन्ह मिटाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि सही आंकड़ों के लिए जनगणना प्रक्रिया में लोगों का सहयोग जरूरी है।

2 min read
Google source verification

भिलाई

image

Love Sonkar

May 20, 2026

Census 2026

जनगणना के लिए नई गाइडलाइन जारी, (Photo AI)

Census 2026: दुर्ग जिला प्रशासन ने आगामी जनगणना को लेकर नई गाइडलाइन जारी करते हुए नियमों को और सख्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की अधिसूचना के बाद जारी इन निर्देशों में जनगणना कार्य में लापरवाही, गलत जानकारी देने या बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें सभी नागरिकों का सहयोग अनिवार्य होगा।

Census 2026: आंकड़े रहेंगे पूरी तरह गोपनीय

जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों, परिसीमन और प्रशासनिक नीति निर्धारण के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना में सही जानकारी देकर सहयोग करें।

बाधा डालने पर तीन साल तक की सजा

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालने, सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने या जनगणना कार्यालय में अनधिकृत प्रवेश करने वालों पर अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल और जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है। यही नियम उन सरकारी प्रगणकों पर भी लागू होंगे, जो अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतेंगे या काम से इनकार करेंगे। प्रगणक के पूछे सवालों का सही व सटीक जवाब देना जरूरी होगा।

नागरिकों को अपने घरों में प्रगणकों को प्रवेश देना होगा और मकानों पर जनगणना विभाग केलिखे जाने वाले नंबर या विशेष चिह्न लगाने की अनुमति भी देनी होगी। यदि कोई जानबूझकर गलत जानकारी देता है, उत्तर देने से इनकार करता है या मकानों पर लिखे गए सरकारी नंबरों को मिटाता है तो उस पर एक हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

महिलाओं की निजता का रखा गया ध्यान

महिलाओं की निजता को लेकर भी गाइडलाइन में विशेष प्रावधान किए गए हैं। किसी भी महिला को उसके पति या मृत पति का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। साथ ही किसी व्यक्ति को परिवार के सदस्यों की जानकारी देने के लिए जबरन मजबूर नहीं किया जाएगा। प्रगणकों को केवल निर्धारित प्रश्न पूछने के निर्देश दिए गए हैं। अनावश्यक व्यक्तिगत पूछताछ करने पर संबंधित कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।