भिलाई

प्राचार्य की मनमानी पड़ी भारी.. बिना बताए नए भवन में लगाई बच्चों की क्लास, हुए सस्पेंड, मची खलबली

CG News: इसी महीने में जिला शिक्षा विभाग ने 5 प्राचार्यों को निलंबित किया है। जिला शिक्षा विभाग को व्ययाताओं और प्राचार्यों के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं
2 min read
Sep 24, 2025
CG School, Patrika Badhi Khabar
बिना बताए नए भवन में लगा दी बच्चों की क्लास ( Photo - Patrika )

CG News: आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय दुर्ग (जेआरडी) की प्राचार्य को सस्पेंड किया गया है। उन पर धार्मिक प्रतीकों पर टिप्पणी का आरोप लगा है। हालांकि, सरकारी स्कूल के प्राचार्य के निलंबन का यह अकेला मामला नहीं है। इसी महीने में जिला शिक्षा विभाग ने 5 प्राचार्यों को निलंबित किया है। ( CG News ) जिला शिक्षा विभाग को व्ययाताओं और प्राचार्यों के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। पूर्व में एक व्यायाता नेटवर्क मार्केटिंग करने के आरोप में निलंबित हुई थी।

CG News: आर्थिक अनियमितता की शिकायत

जिला शिक्षा विभाग ने जिस चार प्राचार्यों को निलंबित किया है, उनके खिलाफ आर्थिक अनियमितता की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच करने एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को सौंपी और बताया कि, पीएफएमएस खाते के संचालन में 2021 से 2024 तक बड़ी गड़बड़ी को इन्हीं प्राचार्यों ने अंजाम दिया है। जांच रिपोर्ट के बाद इन सभी प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इन्होंने विभाग को जो जवाब दिया वह संतोषप्रद नहीं थे। लिहाजा, एक साथ चार प्राचार्यों को निलंबित कर दिया गया है।

मनमर्जी पर उतरे प्राचार्य व प्रधानपाठक

जिला शिक्षा विभाग ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला फरीदनगर के प्रधान पाठक विनोद यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर शासकीय कार्यों में लापरवाही और मनमानी का आरोप लगा है। विभाग ने कहा है कि, उन्होंने विभाग को सूचना दिए बिना ही भवन मरम्मत के लिए अनुदान राशि दी गई थी। इस संबंध में विभाग को अनियमितता की शिकायत मिली।

विभाग ने जब इसके बारे में जरूरी दस्तावेज मांगे तो प्रधानपाठक जवाब नहीं दे पाए। सबसे बड़ा ब्लंडर यह रहा कि, प्रधान पाठक ने अपने विभागीय अधिकारी से लिखित मंजूरी लिए बिना ही शाला का भवन स्थानांतरित कर दिया। पुराने भवन को छोडकऱ नए भवन में कक्षा लगा दी। पूरा सामान भी साथ ले गए।

डीईओ अरविंद मिश्रा ने बताया कि विभागीय कार्यों में लापरवाही करने वाले प्रधानपाठक, प्राचार्य और व्यायाता निलंबित किए गए हैं। कुछ पर वित्तीय अनियमितता का आरोप सिद्ध हुआ है तो कुछ की जांच की जा रही है। लारवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Updated on:
24 Sept 2025 02:23 pm
Published on:
24 Sept 2025 02:20 pm